हर 27 में 1 व्यक्ति Crypto से जुड़ा, बना 300 मिलियन यूजर्स का भरोसा; 2025 में क्रिप्टो कैसे बना आम लोगों की पंसद?
नई दिल्ली| साल 2025 खत्म हो चुका है और यह साल क्रिप्टो की दुनिया के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। जो टेक्नोलॉजी कभी मुश्किल, जोखिम भरी और सिर्फ़ एक्सपर्ट्स तक सीमित मानी जाती थी, वह अब आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन रही है। आज दुनिया भर में करीब 300 मिलियन लोग अपने डिजिटल एसेट्स के लिए बायनेन्स (Binance) पर भरोसा करते हैं। आसान शब्दों में कहें तो दुनिया में हर 27 में से एक व्यक्ति किसी न किसी रूप में क्रिप्टो से जुड़ चुका है। यह आंकड़ा बताता है कि डिजिटल एसेट्स अब हाशिए पर नहीं, बल्कि लोगों के पैसे और भविष्य की प्लानिंग का हिस्सा बन चुके हैं।
2025: उतार-चढ़ाव, अनिश्चितता और बड़े फैसलों का साल
2025 वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए आसान नहीं रहा। बाज़ारों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। नई टेक्नोलॉजी को लेकर उम्मीदें बनीं, फिर कई जगह निराशा भी हुई। देशों के बीच ट्रेड टेंशन बढ़ा, और अमेरिका में सरकारी कामकाज रुकने से आर्थिक डेटा तक समय पर नहीं मिल पाया। इन हालातों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
लेकिन इसी अनिश्चित माहौल में क्रिप्टो इंडस्ट्री ने अपनी मजबूती दिखाई। सबसे बड़ा बदलाव यह रहा कि अब सरकारें और रेगुलेटर क्रिप्टो को नजरअंदाज़ नहीं कर रहे, बल्कि उसे समझकर नियम बना रहे हैं। जुलाई 2025 में GENIUS Act का पास होना इस बात का संकेत बना कि नियम अब रुकावट नहीं, बल्कि सुरक्षा और भरोसे का ज़रिया बन रहे हैं। दुनिया के ज्यादातर बड़े देश क्रिप्टो के लिए साफ और तय फ्रेमवर्क की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं। इससे यह साफ हो गया कि “बिना नियमों वाला दौर” पीछे छूट रहा है।
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आम निवेशक और बड़ी संस्थाएं: फर्क लगभग खत्म
एक समय था जब क्रिप्टो को दो हिस्सों में देखा जाता था- रिटेल यानी आम लोग और दूसरी तरफ बड़ी कंपनियां। 2025 में यह दीवार काफी हद तक टूट गई। Binance पर रिटेल यूजर्स की भागीदारी तेज़ी से बढ़ी और रिटेल ट्रेडिंग में 125% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
साथ ही, बड़ी वित्तीय संस्थाएं भी अब खुले तौर पर डिजिटल एसेट्स में निवेश कर रही हैं।
कई सर्वे बताते हैं कि प्रोफेशनल इन्वेस्टर्स का बड़ा हिस्सा पहले ही क्रिप्टो में पैसा लगा चुका है, और बाकी तैयारी में हैं। असर साफ है- बड़ी कंपनियां अब ब्लॉकचेन पर बॉन्ड और दूसरे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स लॉन्च कर रही हैं। यानी पारंपरिक फाइनेंस और क्रिप्टो अब अलग-अलग दुनिया नहीं रहीं।
भरोसा और सुरक्षा: सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी
300 मिलियन लोगों का भरोसा यूं ही नहीं बनता। इसके पीछे सुरक्षा, पारदर्शिता और सिस्टम की मज़बूती होती है। आज Binance पर यूज़र्स के करीब $162.8 बिलियन के एसेट्स सुरक्षित रखे गए हैं। Proof of Reserves के जरिए यह जानकारी सार्वजनिक तौर पर दिखाई जाती है, ताकि यूजर खुद देख सकें कि उनका पैसा सुरक्षित है।
Binance को अबू धाबी के ADGM जैसे सख्त रेगुलेटरी सिस्टम से लाइसेंस मिलना और इंटरनेशनल डेटा सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन हासिल करना भी इसी भरोसे को मजबूत करता है। AI आधारित सिस्टम की मदद से करोड़ों डॉलर के फ्रॉड रोके गए और लाखों यूज़र्स को संभावित नुकसान से बचाया गया। कई मामलों में ठगी का पैसा वापस दिलाने में भी मदद की गई।
2026: ज्यादा स्पष्टता और स्थिरता की उम्मीद
2025 ने दिशा दिखाई और 2026 से उम्मीदें और बढ़ गई हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे संभल रही है। AI जैसी नई टेक्नोलॉजी काम को तेज़ और आसान बनाएगी। सरकारें और सेंट्रल बैंक लिक्विडिटी बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। साथ ही, नए कानून यह साफ़ करेंगे कि ऑन-चेन एसेट्स को कैसे देखा और इस्तेमाल किया जाए।
आने वाली ग्रोथ सिर्फ़ अफ़वाहों या जोश पर नहीं, बल्कि नियमों, संस्थागत भागीदारी और असली इस्तेमाल पर टिकी होगी। जब देश Bitcoin को रिज़र्व एसेट की तरह देखने लगें और ऑन-चेन एसेट्स ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचें, तो यह सिर्फ बुल मार्केट नहीं, बल्कि फाइनेंस सिस्टम में बड़ा बदलाव होगा।
40 लाख लोगों को मिल चुकी मदद
दुनिया बदल रही है, लेकिन लक्ष्य साफ है- पैसे की आजादी और भरोसेमंद सिस्टम। चाहे कोई पहली बार क्रिप्टो खरीदे या बड़ी रकम मैनेज करे, फोकस हर किसी के लिए रास्ता आसान बनाने पर है। सुरक्षा, नियम और शिक्षा पर ज़ोर बढ़ेगा। Binance Junior और Binance Charity जैसे प्रोग्राम्स के जरिए अब तक 40 लाख से ज्यादा लोगों को मदद मिल चुकी है। यह सफ़र अभी जारी है, और जो लोग बेहतर सिस्टम की सोच रखते हैं, वही इस बदलाव की असली ताकत हैं।
(डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ जागरुकता के लिए है और किसी भी प्रकार से क्रिप्टो में निवेश की सलाह नहीं है। क्रिप्टो में निवेश जोखिमभरा है। भारत में क्रिप्टो निवेश अविनियमित है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। किसी भी वित्तीय नुकसान के लिए जागरण उत्तरदायी नहीं होगा।) |
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