दिल्ली में बढ़ी बिजली की डिमांड।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। तापमान में गिरावट के साथ ही दिल्ली में बिजली की मांग बढ़ने लगी है। पिछले तीन दिनों से लगातार मांग 5500 मेगावाट से ऊपर रह रही है। इस बार अधिकतम मांग छह हजार मेगावाट के पार जा सकती है। इसे ध्यान में रखकर बिजली वितरण कंपनियों (डिस्काम) ने तैयारी की है।
पिछले वर्ष सर्दी में दिल्ली की अधिकतम बिजली मांग 5,655 मेगावाट रही थी। वहीं, इस बार एक जनवरी को अधिकतम मांग 5603 मेगावाट तक पहुंच गई। यह इस सर्दी में सबसे अधिक है। 2 जनवरी को 5,595 मेगावाट दर्ज की गई। डिस्काम अधिकारियों का कहना है कि बिजली की मांग को ध्यान में रखकर आवश्यक तैयारी की गई है।
बीएसईएस के बिजली वितरण क्षेत्र में 3,900 मेगावाट मांग पहुंच सकती है। इसमें से 50 प्रतिशत से अधिक बिजली नवीकरणीय और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से पूरी की जाएगी। इसमें सौर, पवन, जलविद्युत, कचरे से ऊर्जा, हाइब्रिड परियोजनाएं और रूफटाप सोलर शामिल हैं। टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशऩ लिमिटेड (टीपीडीडीएल) प्रवक्ता का कहना है कि दीर्घकालीन समझौतों के माध्यम से पर्याप्त बिजली की व्यवस्था की गई है। 35 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय व स्वच्छ ऊर्जा स्त्रोतों से प्राप्त की जाएगी।
डिस्काम अधिकारियों का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित उन्नत पूर्वानुमान तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसमें मौसम, तापमान, नमी, हवा की गति और सामाजिक गतिविधियों को ध्यान में रखकर मांग का आकलन किया जाता है। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) के माध्यम से अतिरिक्त बिजली को संग्रहित कर पीक समय में उपयोग की योजना बनाई गई है।
सर्दी के मौसम में दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांगः
वर्ष अधिकतम मांग (MW)
2026 (1 जनवरी)
5603
2024–25
5655
2023–24
5816
2022–23
5526
2021–22
5104
2020–21
5021
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