विदेशों में छिपे 32 भगोड़ों की गिरफ्तारी पर चल रहा काम।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। संगठित अपराध के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए क्राइम ब्रांच में समर्पित मकोका सेल की स्थापना की गई, जो विदेशों में छिपे 32 भगोड़ों की गिरफ्तारी के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। इसी कड़ी में वर्ष 2025 में दो कुख्यात अपराधियों को विदेश से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया। यह बातें दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित समारोह के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा, राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा देश की आंतरिक सुरक्षा से सीधे जुड़ा राष्ट्रीय दायित्व है। इस चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी को निभाने में गृह मंत्रालय के स्पष्ट मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग से दिल्ली पुलिस को नई ताकत मिल रही है। बदलते समय के साथ अपराध के स्वरूप में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस तकनीक आधारित, पारदर्शी और जनसहभागिता पर आधारित स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।
इस अवसर पर उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के 32 फीट ऊंचे 3डी चित्र का अनावरण भी किया, जो मुख्यालय की बाहरी कांच की दीवार पर स्थापित किया गया है। अनावरण समारोह वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस आयुक्त ने कहा कि सरदार पटेल का यह विराट चित्र देश की एकता, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रीय अखंडता का प्रतीक है, जो हर पुलिसकर्मी को अपने कर्तव्य के प्रति प्रेरित करता रहेगा।
नशे के खिलाफ एक्शन, 6144 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त
पुलिस आयुक्त ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत दिल्ली पुलिस की बड़ी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि बीते वर्ष नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए 6144 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए। नशा तस्करी के आर्थिक ढांचे को तोड़ने के लिए 44 संपत्तियों को सीज किया गया और पहली बार कानूनी प्रक्रिया के तहत 29 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया।
साइबर रैकेट पर भी बड़ी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध आज देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है। इससे निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने आधुनिक तकनीक और विशेष टीमों के माध्यम से नई रणनीति अपनाई है। बीते वर्ष मई माह में 10 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय साइबर ठगी की शिकायतों पर स्वत: एफआइआर दर्ज करने की व्यवस्था लागू की गई, जिसे नवंबर में घटाकर एक लाख रुपये कर दिया गया। आपरेशन साइहाक के तीन चरणों में बीते तीन महीनों के दौरान 18 हजार संदिग्धों को पकड़ा गया, तीन हजार को गिरफ्तार या पाबंद किया गया और एक हजार नए मुकदमे दर्ज किए गए, जिससे साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर करारा प्रहार हुआ।
स्ट्रीट क्राइम से जुड़ी पीसीआर कॉल्स में गिरावट
पुलिस आयुक्त ने बताया कि संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और जाली नोटों के गिरोह के खिलाफ की गई निर्णायक कार्रवाई का सीधा लाभ राजधानी की कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को मिला है। बीते एक वर्ष में ड्यूटी के दौरान 83 पुलिसकर्मी घायल हुए, लेकिन उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा के चलते दिल्ली में अपराध के आंकड़ों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में जघन्य अपराधों में 8 प्रतिशत, डकैती में 12 प्रतिशत, झपटमारी में 17 प्रतिशत, सेंधमारी में 26 प्रतिशत और रंगदारी में 7 प्रतिशत की कमी आई है। वाहन चोरी और स्ट्रीट क्राइम से जुड़ी पीसीआर काल्स में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई है।
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