दिल्ली सरकार ने एमसीडी के लिए 3500 करोड़ रुपये की योजनाओं को दी मंजूरी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। निगम की खराब आर्थिक स्थिति के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने एमसीडी की बड़ी मदद की है। वायु प्रदूषण को कम करने और नागरिक सेवाओं में सुधार के लिए दिल्ली सरकार ने एमसीडी के लिए 3500 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी दी है।
इसमें दिल्ली में 1000 किलोमीटर 60 फिट से छोटी सड़कों का निर्माण व रखरखाव शामिल है। वहीं, सामुदायिक केंद्रों के साथ ही स्कूलों के सुधार और सफाई के लिए मशीनों की खरीद की दीर्घकालिक योजना भी शामिल है। इन योजनाओं में सीएम विकास निधि के तहत मंजूर किया गया है।
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि राजधानी में साफ-सफाई की व्यवस्था और 60 फुट से कम चौड़ी सड़कों का रखरखाव एमसीडी के पास है। इसी को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान सड़कों को पक्का करने और विकास कार्यों के लिए लगभग 1330 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इसके माध्यम से लगभग 1000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण, मरम्मत और ठीक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल विशेष रूप से धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सभी सड़क सुधार कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे करने के निर्देश
सीएम ने निर्देश दिया है कि सभी सड़क सुधार कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं, ताकि 30 सितंबर 2026 तक प्रमुख परियोजनाओं का क्रियान्वयन हो सके। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था को और आधुनिक बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने करीब 2300 करोड़ रुपये की दीर्घकालिक योजना को मंजूरी दी है। यह योजना 10 साल के 70 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें लेने के साथ उसके संचालन की मंजूरी दी है।
ये मशीनें पहले से काम कर रही मशीनों के साथ मिलकर सड़क की धूल और कचरे को प्रभावी तरीके से साफ करेंगी। इसके अलावा, 1000 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर भी तैनात किए जा रहे हैं, जिससे सफाई व्यवस्था और तेज, पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम प्रदूषण कम करने की दिशा में स्थायी समाधान साबित होगा।
निगम के प्राथमिक स्कूलों को किया जाएगा बेहतर
शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने निगम के प्राथमिक स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया है। इस राशि से स्कूलों की इमारतें मजबूत की जाएंगी, साफ-सफाई की सुविधाएं सुधारी जाएंगी। इसके अलावा, निगम के सामुदायिक भवनों की मरम्मत के लिए भी 50 करोड़ रुपये अलग से दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटी कालोनियों में बने निगम के करीब 298 सामुदायिक भवनों में गरीब परिवार शादी और अन्य कार्यक्रम करते हैं, इसलिए इन भवनों का सुधार जरूरी है।
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