इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
संवाद सहयोगी, बिरौल (दरभंगा)। दरभंगा में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां दोस्ती की महफ़िल अचानक गोलियों की आवाज़ में बदल गई। पहले दावा किया गया कि बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग की, लेकिन पुलिस की जांच में कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि सच्चाई कुछ और ही निकली।
दोस्तों के बीच चली गोली और फिर बाइक वालों पर गढ़ी गई कहानी—इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में सनसनी फैला दी है। आखिर क्यों रची गई यह साजिश और क्या है इसके पीछे की असली वजह?
फायरिंग मामले में जख्मी सहित तीन दोस्त गिरफ्तार
बिरौल थाना क्षेत्र के सहसराम गांव में पांच माह पूर्व हुई फायरिंग की घटना में पुलिस अनुसंधान के क्रम में नया मोड़ आया है। जांचोपरांत पुलिस ने गोली से जख्मी हुए राजा चौधरी, अस्पताल पहुंचने वाले शिवम कुमार उर्फ कालू चौधरी और घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के दक्षिणी कसरौड़ गांव निवासी संतोष कुमार झा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि 13 सितंबर 2025 को सहसराम गांव निवासी रामललित चौधरी के पुत्र राजा चौधरी के जांघ में गोली लगी थी। उन्हें इलाज के लिए सुपौल बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
घायल द्वारा इलाज के दौरान दिए गए फर्द बयान में कहा गया था कि वे अपने पड़ोसी के दरवाजे पर दोस्तों के साथ बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान बाइक सवार दो व्यक्ति वहां पहुंचे और फायरिंग की, जिसमें एक गोली उनके जांघ में लगी और दूसरी दीवार में लगी।
लेकिन, अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि घटना के समय चार दोस्तों के बीच पिस्टल को लेकर छीना-झपटी के दौरान गोली चली थी। जिससे राजा चौधरी को गोली लग गई। इसके बाद सभी ने मिलकर उसे भर्ती कराया।
पुलिस के अनुसार अनुसंधान में यह भी पाया गया कि फर्द बयान में वर्णित परिस्थितियों और जांच में सामने आए तथ्यों में अंतर है। पुलिस अब चौथे व्यक्ति पघारी गांव निवासी सौरव कुमार झा बहादुरपुर थाना क्षेत्र के एक मामले में न्यायिक अभिरक्षा में हैं। उसे इस मामले में रिमांड पर लेने की तैयारी चल रही है। |
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