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ट्रिपल C, S और I फॉर्मूला... नायब सरकार ने तैयार किया विजन डॉक्यूमेंट; अर्थव्यवस्था को एक लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य

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नायब सरकार ने तैयार किया हरियाणा का विजन डॉक्यूमेंट। फाइल फोटो



अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। केंद्र की मोदी सरकार 2047 तक देश को जहां विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिए हुए है, वहीं हरियाणा की नायब सरकार ने इस अवधि तक राज्य की अर्थव्यवस्था को एक लाख करोड़ (एक ट्रिलियन डालर) तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इसके लिए सरकार ने हरियाणा का विजन डाक्यूमेंट-2047 जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार के इस विजन डाक्यूमेंट को जारी किया, जिसके मुताबिक एक विकसित, आत्मनिर्भर और दुनिया में सबसे आगे रहने वाले देश में हरियाणा की अर्थव्यवस्था की अहम भूमिका होगी।

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम घोष ने विधानसभा के बजट सत्र में अपने अभिभाषण के दौरान नायब सरकार के विजन डाक्यूमेंट-2047 की विस्तार से जानकारी दी। इस डाक्यूमेंट में विकसित हरियाणा बनाने के लिए छह मुख्य बिंदुओं का उल्लेख है।

ट्रिपल-सी, ट्रिपल-एस, ट्रिपल-आइ, ट्रिपल-ई, ट्रिपल-आर और ट्रिपल-एच फार्मूले को अपनाते हुए हरियाणा को विकसित राज्य बनाने के साथ-साथ मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने का सपना सरकार ने देखा है।
कार्बन नेगेटिव स्टेट बनाने की दिशा में तेजी से काम

हरियाणा सरकार के विजन डाक्यूमेंट-2047 के पहले बिंदु ट्रिपल-सी के मुताबिक क्लीन, कार्बन नेगेटिव और कंड्यूसिव एनवायरमेंट के जरिये कार्बन नेगेटिव स्टेट बनाने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है।

ट्रिपल-एस का मतलब सेफ, सिक्योर और सस्टेनेबल पालिसी को अपनाने की रणनीति है, जिसके जरिये हरियाणा के वित्त एवं सुरक्षा ढांचे को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

ट्रिपल-आइ बिंदु का मतलब एआइ इनोवेशन, इनक्लूजन और इंटरनेशनल अलाइनमेंट के जरिये वैश्विक मानकों को पूरा करने से है, जिस दिशा में नायब सरकार पिछले एक साल से पूरी गंभीरता से काम कर रही है।

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में हरियाणा को विकसित राज्य बनाने के जिस ट्रिपल-ई फार्मूले का जिक्र किया है, उसमें इक्विटेबल, इको फ्रेंडली और एक्सपेरिमेंटल फार्मिंग के बिंदु शामिल हैं। इन्हें अपनाकर हरियाणा की खेती को जल संरक्षण, तकनीक और नवाचार से जोड़ने की दिशा में सरकार ने काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।

ट्रिपल-आर बिंदु के अंतर्गत री-इमेजिन, री-डिजाइन और री-इनवेस्ट को शामिल किया गया है, जिनके माध्यम से युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।

हरियाणा को विकसित राज्य बनाने के विजन डाक्यूमेंट का अंतिम संकल्प ट्रिपल-एच पर आधारित है, जिसके अंतर्गत हेल्दी, होपफुल और हैप्पी बिंदु शामिल किए गए हैं। हेल्दी मतलब स्वस्थ, होपफुल मतलब आशावादी और हैप्पी मतलब खुशियां।

इन बिंदुओं के अंतर्गत राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा का हर परिवार सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मान से जिंदगी जीये। विकसित हरियाणा के लिए इन लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु यह जरूरी बताया गया कि नीति निर्माण करने वाले सभी दल और उनके जनप्रतिनिधि इसमें सक्रिय सहयोग प्रदान करें।
राज्यपाल ने सरकार के लिए विपक्ष से मांगा सहयोग

हरियाणा के राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पढ़ते हुए विपक्ष से हरसंभव सहयोग की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि यह सदन जनता की आवाज है और यह सरकार का उत्तरदायित्व है कि वह इस आवाज को संवेदनशीलता व ईमानदारी के साथ परिणामों में बदले।

लोकतंत्र में विचारों की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति होती है। लोकतंत्र की मजबूती तभी सुनिश्चित होगी, जब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों मिलकर सदैव संविधान को अपना सांझा धर्म मानते हुए संयुक्त रूप से काम करेंगे।
हरियाणा की जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी

देश के भौगोलिक क्षेत्र का केवल 1.34 प्रतिशत और जनसंख्या का 2.09 प्रतिशत होने के बावजूद हरियाणा राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 3.8 प्रतिशत का प्रभावी योगदान दे रहा है। हरियाणा का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वर्ष 2025-26 में स्थिर मूल्यों पर 9.5 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जो वास्तविक आर्थिक विकास को दर्शाती है। वर्तमान मूल्यों पर प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 3.95 लाख रुपये हो गई है, जो बेहतर जीवन यापन स्तर को दर्शाती है।
16वें वित्त आयोग से मिलेंगे 1 लाख 42 हजार 156 करोड़

राज्यपाल प्रो. असीम घोष के अनुसार राष्ट्रीय जीएसटी संग्रहण में 7.34 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ हरियाणा देश में पांचवें स्थान पर है। 160 योजनाओं के लाभ सीधे हस्तांतरण के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाए जा रहे हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इन योजनाओं के लाभार्थियों को 11,403 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

जिला योजनाओं के लिए आवंटन भी बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये कर दिया गया है। करों में हरियाणा का हिस्सा 15वें वित्त आयोग के 1.093% से बढ़कर 1.361% हो गया है। इसमें 24.52% की बढ़ोतरी हुई।

हरियाणा को 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा में कुल 61 हजार 736 करोड़ रुपये प्राप्त हुए और 16वें वित्त आयोग के अनुमान के अनुसार राज्य को लगभग 1 लाख 42 हजार 156 करोड़ रुपये मिलेंगे। यह पहले के हिस्से से 2.3 गुना अधिक है।
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