भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फाइल फोटो
दीनानाथ साहनी, पटना। विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने बिहार में 19 नये केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की घोषणा की थी। उस घोषणा पर अमल करते हुए केंद्र ने नये वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्रीय विद्यालयों को खोलने के लिए 2135.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
बिहार में खोलने जाने वाले केंद्रीय विद्यालयों से राज्य के 30 हजार छात्र-छात्राओं को इसका फायदा मिलेगा। मधुबनी जिले में केंद्र सरकार द्वारा दो केंद्रीय विद्यालयों को खोलने की योजना मंजूरी की गई है। पहली बार इन विद्यालयों को बालवाटिका के साथ ही तैयार किया जाएगा।
भवनों का निर्माण को भूमि चयन का कार्य पूरा
राज्य के जिन जिलों में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना होनी है, उसके नये भवनों का निर्माण और खेल मैदान बनाने समेत अन्य बुनियादी आधारभूत संरचना को विकसित करने हेतु बिहार सरकार ने भूमि चयन का काम पूरा कर लिया है।
गया, पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, अरवल, मधुबनी, कैमूर, मधेपुरा, शेखपुरा, भोजपुर, भागलपुर, नालंदा, मुंगेर और दरभंगा जिले में नये केंद्रीय विद्यालय के लिए 4-5 एकड़ जमीन को जिलाधिकारियों के स्तर से चिहिन्त कर प्रतिवेदन सरकार को उपलब्ध करा दिया गया है।
शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि एक नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए आमतौर पर शहरी क्षेत्र में ढाई से 4 एकड़ और ग्रामीण क्षेत्र में 5 एकड़ या उससे अधिक जमीन की आवश्यकता होती है।
हालांकि, ग्रामीण क्षेत्र के लिए 5 एकड़ जमीन की आवश्यकता अनिवार्य है। यह जमीन केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) को मुफ्त में हस्तांतरित की जाती है। इस जमीन पर बुनियादी ढांचा के रूप में भवन, खेल मैदान, कक्षाएं और अन्य सुविधाओं के लिए आधारभूत संरचना को विकसित करने हेतु केंद्र सरकार राशि देती है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 से केंद्र सरकार उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी है।
उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में देश में 1288 केंद्रीय विद्यालय है, इनमें 14 लाख से अधिक छात्र मौजूदा समय में बेहतर शिक्षा हासिल कर कर रहे है। यह विद्यालय मूलत: केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों के लिए और उनकी मांग को देखते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों में खोले जाते है।
वर्तमान में राज्य में 16 केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं। नये केंद्रीय विद्यालयों को खोलने से राज्य में कुल केंद्रीय विद्यालयों की संख्या 35 हो जाएगी। नए विद्यालयों में केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों के अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को भी शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून के तहत नामांकन होगा।
प्रत्येक केंद्रीय विद्यालय में होंगी 1520 सीटें
प्रत्येक केंद्रीय विद्यालय में नामांकन के लिए 1520 सीटें होंगी। केंद्रीय विद्यालय के भवन बनने तक सरकारी बिल्डिंग में नये केंद्रीय विद्यालय अस्थायी रूप से संचालित। इसके लिए भवनों को चिन्हित करने का काम पूरा किया जा रहा है।
संबंधित जिलाधिकारियों को दिए निर्देश में शिक्षा विभाग ने कहा है कि स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय के अस्थायी संचालन हेतु चिन्हित भवन के लिए बुनियादी आवश्यकता यथा-बिजली, पेयजल, पहुंच पथ आदि में अगर किसी प्रकार की कमी परिलक्षित हो रही है, तो इसकी पूर्ति करने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारियों से यह भी कहा गया है कि सभी नये केंद्रीय विद्यालयों के स्थायी भवन व परिसर के लिए भूमि चिन्हित कर नियमानुसार प्रस्ताव राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को प्रेषित करते हुए उसकी एक प्रति शिक्षा विभाग को भी उपलब्ध कराएं।
केंद्रीय विद्यालय में पहली कक्षा में प्रति सेक्शन 40 छात्र-छात्राएं होते हैं, जिसमें 25 प्रतिशत (10 सीटें) शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत आरक्षित हैं। कक्षा 11 के लिए, अब तीनों संकायों (विज्ञान, कला, वाणिज्य) को मिलाकर 120 सीटें निर्धारित की गई हैं।
प्रवेश में एससी (15 प्रतिशत), एसटी (7.5 प्रतिशत), और ओबीसी-तान क्रीमी लेयर (27 प्रतिशत) के लिए आरक्षण लागू है। दिव्यांगों के लिए 3 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है।
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