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संभल में एआरटीओ दफ्तर के बाहर ही उड़ रही नियमों की धज्जियां, सिस्टम की आंखों पर बंधी वसूली की पट्टी!

cy520520 2025-12-18 10:36:52 views 652
  

चंदौसी में मुरादाबाद आगरा हाईवे पर धड़ल्ले से दौड़ रहे डग्गामार वाहन। जागरण



जागरण संवाददाता, संभल टीम। जिले में डग्गामार वाहनों का सिंडिकेट बेखौफ होकर संचालित हो रहा है। शहर से लेकर कस्बों तक चौराहों पर अवैध रूप से सवारियां ढोने वाले मैजिक, टेंपो और अन्य वाहन नियमों को ताक पर रखकर चल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यातायात पुलिस, थाना पुलिस और परिवहन विभाग की अनदेखी से यह खेल खुलेआम जारी है। वसूली होती है, इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई में भी खानापूर्ति की जाती है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

संभल शहर के प्रमुख चौराहों पर डग्गामार वाहनों का जमावड़ा आम बात हो गई है। ऐसे ही बहजोई कस्बे में डग्गामारी का खेल खुलेआम चल रहा है। चंदौसी और गुन्नौर क्षेत्र भी इन वाहनों का बोलबाला है। अगर, अनुमानित आंकड़ों पर बात करें तो पूरे जिले में लगभग 80 से 100 मैजिक दौड़ रही हैं। कार्रवाई भी होती है मगर, सिडिकेंट कभी खत्म नहीं होती है।

  
चंदौसी चौराहा की स्थिति

मुरादाबाद रोड से संभल-बिलारी मार्ग पर 15 से 20 मैजिक चलते हैं। इन पर परमिट लिखा होता है मगर, उसका पालन नहीं करते हैं। चलने वाले मैजिक वाहन क्षमता से अधिक सवारियां बैठा रहे हैं। साथ ही यात्रियों के साथ-साथ भारी सामान भी लादकर ले जा रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

  

चंदौसी रोड पर चलने वाले टेंपो मानकों को दरकिनार करते हुए ओवरलोड होकर फर्राटा भर रहे हैं। खास बात यह है कि इसी रूट पर एआरटीओ कार्यालय भी है। सिटी मजिस्ट्रेट भी बैठते हैं। जहां से सवारियों को भरते हैं, वहां पर यातायात पुलिस चौकी भी रहती है। फिर भी यह लोग नियमों की अनदेखी करते हैं।
चौधरी सराय चौराहे की स्थिति

चौधरी सराय चौराहे के पास सुबह करीब पांच बजे से ही डग्गामार वाहनों का संचालन शुरू हो जाता है। स्थिति यह है कि सवारियां बैठाने को लेकर कई बार डग्गामार वाहन चालक रोडवेज बस परिचालकों से झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। वहीं डग्गामार बसें भी चौराहे के नजदीक यातायात पुलिस के सामने सवारियां भरती हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह अवैध गतिविधि चौधरी सराय पुलिस चौकी के नजदीक ही चल रही है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं। इन पर कोई कार्रवाई नहीं हाेती है।
बहजोई के रूटों पर टेंपो का बोलबाला

बहजोई : बहजोई से बबराला, इस्लामनगर, संभल और चंदौसी के बीच परिवहन व्यवस्था पूरी तरह डग्गामार टेंपो और ई रिक्शा के भरोसे चलती नजर आ रही है, जबकि इन मार्गों पर मैजिक का संचालन नहीं होता है और जो टेंपो चल रहे हैं वे न तो नियमित रूप से पंजीकृत हैं और न ही नियंत्रित ढंग से संचालित हो रहे हैं।

  

खास बात यह है कि स्थानीय के साथ-साथ बाहर के टेंपो भी बिना किसी रोकटोक के इन मार्गों पर दौड़ रहे हैं, जिन पर परिवहन विभाग या पुलिस की चेकिंग का कोई खास असर दिखाई नहीं देता, परिणामस्वरूप टैक्स चुकाकर विधिवत संचालन करने वाली बसों को सवारियां नहीं मिल पा रहीं और उनका संचालन घाटे का सौदा बनता जा रहा है।

डग्गामार टेंपो मानक से कहीं अधिक सवारियां भरकर तेज रफ्तार में सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। यदि समय रहते पंजीकरण, रूट निर्धारण और सख्त कार्रवाई की जाए तो न केवल अवैध संचालन पर रोक लगेगी बल्कि वैध बस सेवाओं को भी उनका हक मिल सकेगा और सड़क सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो पाएगी।
यात्रियों की जान जोखिम में डालकर धड़ल्ले से दौड़ रहे डग्गामार वाहन

चंदौसी : शहर और आसपास के इलाकों में यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर डग्गामार ऑटो और ठेका वाहन खुलेआम सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। मालगोदाम, बदायूं चुंगी, मुरादाबाद बाइपास, बहजोई रोड और इस्लामनगर चौराहे जैसे प्रमुख स्थानों से हर दिन सैकड़ों वाहन बिना किसी रोक-टोक के संचालित हो रहे हैं। सर्दियों में खासकर कोहरे के दौरान इन वाहनों का संचालन और भी खतरनाक हो जाता है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।

स्थिति यह है कि ओवरलोडिंग आम बात हो गई है। ऑटो, टेंपो, ई-रिक्शा और निजी बसों में क्षमता से कहीं अधिक सवारियां ठूंस-ठूंस कर भरी जा रही हैं। कई वाहन बिना परमिट और फिटनेस के दौड़ रहे हैं, वहीं चालक तेज रफ्तार में लापरवाही से वाहन चलाते नजर आते हैं। यात्रियों की जान जोखिम में डालकर कमाई का यह खेल बेखौफ जारी है। हैरानी की बात यह है कि यातायात पुलिस की मौजूदगी सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गई है।

  


समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई होती रहती है। अभी कुछ दिन पहले ही छोटे बड़े डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई में सीज और चालान की कार्रवाई की गई थी और आगे भी जारी रहेगी।

- अमिताभ चतुर्वेदी, एआरटीओ, संभल


  


डग्गामार वाहन सुबह चार बजे से संचालित होते हैं। हालांकि अगर हमें कहीं खड़े दिखाई देते हैं तो उनपर सीज की कार्रवाई होती है। बाकी परिवहन विभाग के पास इसका अधिकार है।

- दुष्यंत बालियान, प्रभारी यातायात पुलिस, संभल





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