search

युवराज मेहता की मौत के 12 दिन बाद भी सेक्टर-150 के गड्ढे से नहीं निकला पानी, सिस्टम की लापरवाही उजागर

deltin33 2026-1-26 20:56:05 views 1253
  

बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गढ्ढे में अब भी जलभराव है। फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। इंजीनियर युवराज मेहता की माैत होने के 12 दिन बाद भी सेक्टर 150 के टी प्वाइंट पर स्थित बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे का पानी नहीं निकाला जा सका है। प्राधिकरण और सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की पानी निकालने को लेकर कार्रवाई अभी तक बैठकों में प्लानिंग करने तक ही सीमित है। बड़ा सवाल यह है कि गड्ढे में बड़ी मात्रा में भरा पानी निकाल कर कहां पहुंचाया जाए। सोसायटियों से निकालने वाला पानी सिर्फ इस गड्ढे में ही नहीं भरा है बल्कि करीब आठ किलोमीटर तक ग्रीन बेल्ट में भी भरा है।
पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं

दरअसल, गड्ढे में भरा पानी आसपास की सोसायटियों का है। इसका कारण बिल्डरों द्वारा सोसायटियों को विकसित करते समय पानी निकासी की स्थाई व्यवस्था नहीं करना है। तब सोसायटियों में फ्लैट खरीदारों ने भी पानी निकासी की व्यवस्था पर गौर नहीं किया। इंजीनियर युवराज मेहता के कार समेत गड्ढे में भरे पानी में डूबने के बाद यह लापरवाही सामने आई है।
जल निकासी का दूसरा विकल्प नहीं

जिम्मेदारों द्वारा घटना के 12 दिन बाद भी गड्ढे का पानी नहीं निकाले जाने के कई कारण हैं। गड्ढे का पानी निकालने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सोसायटियों से निकलने वाले पानी के लिए भी स्थाई व्यवस्था की जाए। यदि सोसायटियों से पानी निकासी का दूसरा विकल्प नहीं मिला तो पुन: यह गड्ढा भरना तय है।
हजारों पेड़ सूख गए

पड़ताल में सामने आया कि सेक्टर-150 से लेकर ग्रीन बेल्ट के आसपास की अधिकतर सोसायटियों में पानी निकासी के स्थाई उपाय नहीं हैं। इसके चलते ग्रीन बेल्ट में भी करीब आठ किलोमीटर तक पानी पिछले कई साल से पानी भर रहा है। ग्रीन बेल्ट में लगाए गए हजारों पेड़ सूख गए हैं।
एनपीएक्स गोल चक्कर के पास जलभराव

नालेज पार्क थाना क्षेत्र में एनपीएक्स गोल चक्कर के आसपास ग्रीन बेल्ट में पानी भरा है। क्षेत्र में कई सोसायटियां निर्माणाधीन हैं। यहां से निकलने वाला पानी भी ग्रीन बेल्ट में भर रहा है। कई बार पानी सड़क तक भर जाता है। इससे राहगीरों को आवाजाही में परेशानी के साथ हादसे का भी खतरा बना रहता है।
सीवर कार्य में लगे करोड़ों रुपए डूबे

इंजीनियर युवराज मेहता की जिस बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में डूबकर मौत हुई थी। सीवर और ड्रेनेज की लाइन को मुख्य लाइन से नहीं जोड़ने से उस गड्ढे में पानी भरा था। यहां प्रतिदिन निकलने वाले 28 लाख लीटर सीवर से निकलकर पानी खाली भूखंड, ग्रीन बेल्ट में भरता है। यही पानी खाेदे गए बेसमेंट में भरा था। सीवर कार्य में लगाया गया करोड़ों रुपए डूब गए।
घटना के बाद यह हुआ था तय

घटना के बाद तय किया गया था कि गड्ढे से पानी निकालने का कार्य अब प्राधिकरण करेगा। प्राधिकरण के अधिकारियों ने रविवार को सेक्टर-150 पहुंच सभी सोसायटीवासियों के साथ बैठक की थी। सेक्टर-150 के खाली भूखंड और बेसमेंट में भरे पानी को हरनंदी में निकालने का निर्णय लिया गया। मुख्य ड्रेनेज को हरनंदी से जोडने के लिए सिंचाई विभाग रेगुलेटर लगाने का कार्य करेगा।

यह भी पढ़ें- नोएडा का पुराना पैटर्न: हादसे होते रहे, जिम्मेदार बचते रहे; युवराज केस में क्या बदलेगा ‘जांच का इतिहास’?
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
478131