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10 साल पहले सिर से उठ गया था पिता का साया, सामान डिलीवरी कर घर चलाता था हेम शंकर; सदमे में परिवार

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नजफगढ़ रोडपर हादसे में हेम शंकर की हुई मौत। फाइल फोटो  



जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। दिल्ली में बेलगाम रफ्तार ने फिर एक 25 वर्षीय युवक हेम शंकर की जान ले ली है। शनिवार तड़के नजफगढ़ रोड पर सुभाष नगर मेट्रो रेड लाइट के पास एक तेज रफ्तार वर्ना कार ने लाल बत्ती पर रुके इलेक्ट्रिक स्कूटी सवार ज़ेप्टो डिलीवरी पार्टनर हेम शंकर की इलेक्ट्रिक स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।

यही नहीं टक्कर के बाद भी कार नहीं रुकी और सड़क पर गिरे हेम शंकर को कुचलती हुई निकल गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस घायल युवक को अस्पताल ले गई पर वहीं पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।

गौरतलब हो की दिल्ली की सड़कों पर रफ्तार का यह कहर लगातार जारी है। इससे पहले 17 फरवरी को ही जनकपुरी में 5 वर्षीय मासूम प्रेशेल और 3 फरवरी को द्वारका में एक 23 वर्षीय युवक भी इसी प्रकार तेज रफ्तार की बलि चढ़ चुके हैं।
एमसीडी कान्ट्रैक्टर है आरोपी

पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त डी शरद भास्कर के अनुसार, शनिवार सुबह लगभग 3:26 बजे तिलक नगर थाना पुलिस को दुर्घटना की सूचना मिली। मौके पर काले रंग की वर्ना कार और बुरी तरह क्षतिग्रस्त इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद हुई।

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पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कार सवार आरोपित 27 वर्षीय मोहित कुमार को हिरासत में ले लिया है। आरोपित नजफगढ़ का निवासी है और पेशे से एमसीडी कान्ट्रैक्टर बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार हादसे के समय मौके पर मौजूद हेम शंकर के साथी और चश्मदीद निलेश कुमार, जो खुद भी ज़ेप्टो में कार्यरत हैं, ने बताया कि हेम शंकर रेड लाइट पर रुका हुआ था, तभी पीछे से आई वर्ना कार ने उसे उड़ा दिया। कार की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा रही होगी।

टक्कर मारने के बाद भी कार रुकी नहीं और दूर जाकर एक दीवार से टकरा गई। कार में दो लोग सवार थे और दोनों ही नशे में पूरी तरह धुत थे। इसी मदहोशी के कारण वे कार को नियंत्रित नहीं कर सके, वरना वे मौके से फरार होने की फिराक में थे।
हेम पर था परिवार का बोझ

हेम शंकर रघुबीर नगर का निवासी था और उसके कंधों पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। हेम के पिता नंद किशोर की मृत्यु वर्ष 2015 में ही हो गई थी। परिवार में उसकी मां रुक्मिणी और 12 वर्षीय छोटा भाई समर हैं। हेम का एक बड़ा भाई देवेंद्र भी है, लेकिन वह शादी के बाद अपने परिवार के साथ अलग रहता है।

पिता के जाने के बाद हेम ही मां घरेलू सहायिका का काम करके बोझ उठा रही थी। मां के बीमार रहने के कारण गत तीन सालों से हेम ने घर का बोझ अपने ऊपर उठा लिया था।

उसकी मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। चश्मदीदों का कहना है कि आरोपितों की लापरवाही और नशे की हालत ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

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