सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। वर्षों से बंद पड़ी सकरी और रैयाम चीनी मिलों को दोबारा चालू करने का दायित्व सहकारिता विभाग ने लिया है। इनको 2401 गांव के किसानों द्वारा गन्ना की आपूर्ति होगी।
शुक्रवार को गन्ना उद्योग विभाग ने दोनों चीनी मिलों के लिए क्रमश: मधुबनी और दरभंगा जिला में गांवों को आरक्षित कर दिया है। पेराई के लिए उन मिलों को आरक्षित गांवों से गन्ना मिलेगा।
बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने और नई चीनी मिलों की स्थापना की पहल हो रही है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। मधुबनी जिले के सकरी और दरभंगा जिले के रैयाम चीनी मिल का संचालन इसी क्रम में हो रहा है।
सकरी चीनी मिल को मधुबनी जिले के 686 गांव और दरभंगा जिले के 697 गांवों के किसान अपनी गन्ना की आपूर्ति करेंगे। इसी प्रकार रैयाम चीनी मिल को मधुबनी जिले के 438 गांव और दरभंगा जिले के 580 गांवों के किसान गन्ना बेचेंगे।
सकरी मिल : मधुबनी जिला के अंध्राथाढ़ी, बबुरही, घोघाडीहा, झंझारपुर, लडनिया, लखनउर, लौकहां, लौकही, माधेपुर, पंडौर, फुलपरास और राजनगर प्रखंड के कुल 686 गांव। दरभंगा जिला के बरही, मनिगांछी, टारडीह, अलिनगर, बेनीपुर, बिरौल, धनश्यामपुर, गौराबौराम, किरातपुर, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान (पूर्वी) तथा दरभंगा प्रखंड के कुल 580 गांव आरक्षित।
रैयाम मिल : दरभंगा जिला के बहादुरपुर, हायाघाट, हनुमाननगर, जाले, सिंघवारा और कोइरी प्रखंड के 580 गांव। मधुबनी जिला के बासोपट्टी, बेनीपट्टी, बिस्फी, हरलाखी, जयनगर, कलुहीं, खजौली, रहिका और माधवापुर प्रखंड के कुल 438 गांव आरक्षित।
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