प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, आगरा। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) में शुक्रवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान और द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट अंग्रेजी विषय की महत्वपूर्ण परीक्षा थी। शासन, प्रशासन की सख्ती, पुलिस बल, स्टेटिक मजिस्ट्रेट व अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों की व्यवस्था के कारण केंद्रों पर सख्ती थी।
बावजूद इसके फतेहाबाद के गंगौरा स्थित श्रीमती शांति देवी इंटर कॉलेज में एक कक्ष निरीक्षक के जेब में मोबाइल रखकर ड्यूटी दे रहा था। इस लापरवाही पर उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। साथ ही बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी से अनुपस्थित 95 शिक्षकों का वेतन जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने रोका है।
शुक्रवार को दूसरी पाली में इंटरमीडिएट अंग्रेजी की परीक्षा के दौरान मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) डॉ. मुकेश चंद्र अग्रवाल फतेहाबाद, गंगौरा स्थित श्रीमती शांति देवी इंटर कॉलेज में निरीक्षण करने पहुंचें, तो कक्ष संख्या छह में एसएस हायर सेकेंडरी स्कूल धिमश्री के सहायक अध्यापक सोहिल खान ड्यूटी दे रहे थे। जांच में उनकी जेब से मोबाइल फोन बरामद हुआ।
जबकि परीक्षा के समय केंद्र व कक्षा में किसी भी कक्ष निरीक्षण के पास मोबाइल न रखने के सख्त निर्देश थे। इस गंभीर लापरवाही पर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशन ने कक्ष निरीक्षक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश केंद्र व्यवस्थापक को दिए। यह लगातार दूसरा दिन था, जब कक्ष निरीक्षक की जेब से मोबाइल फोन बरामद हुआ।
वहीं शमसाबाद स्थित एपी इंटर कॉलेज में लगे मानीटर स्क्रीन में स्ट्रांग रूम में लगे कैमरे प्रदर्शित नहीं हो रहे थे। इस पर जेडी ने केंद्र व्यवस्थापक व स्टेटिक मजिट्रेट को तुरंत समस्या निस्तारण के लिए निर्देश दिए।
बोर्ड परीक्षा में बिना बताए अनुपस्थित 95 बेसिक शिक्षकों का रुका वेतन
यूपी बोर्ड परीक्षा में 2335 बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई हैं। सूची में नाम होने के बाद बी तमाम शिक्षक ड्यूटी देने नहीं पहुंच रहे। शिक्षकों के लगातार तीसरे दिन भी ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) जितेंद्र कुमार गोंड ने 95 शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है।
बीएसए ने बताया कि डीएम के निर्देश पर यूपी बोर्ड परीक्षा में परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन 95 शिक्षक लगातार बिना बताए बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी देने नहीं पहुंच रहे हैं। इसकी सूचना केंद्र व्यवस्थापकों ने भेजी है और उनके बिना बताए अनुपस्थित रहने से बोर्ड परीक्षा प्रभावित हो रही है।
विभागीय आदेशों की अवहेलना और बिना बताए अनुपस्थित को घोर लापरवाही मानते हुए इन सभी शिक्षकों का वेतन रोका गया है। साथ ही बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में लगे सभी शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्रत्येक परीक्षा दिमें समय से केंद्र पर पहुंचकर ड्यूटी करें, नहीं तो पूरी जिम्मेदारी उन्हीं की होगी और उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रों की वेब-कास्टिंग में दिखी हलचल
सुबह साढ़े आठ बजे की पाली में हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान और दोपहर दो बजे की पाली में इंटर अंग्रेजी की परीक्षा प्रारंभ हुई, सचल दल, बोर्ड पर्यवेक्षकों के साथ जोनल, सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट सक्रिय हो गए। सचल दलों के साथ निगरानी में लगे अधिकारियों को केंद्रों में स्थिति सामान्य लगी, लेकिन शाहगंज स्थित पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में बनाए गए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम और प्रयागराज व लखनऊ में बनाए गए बोर्ड स्तरीय कंट्रोल रूम में तैनात जिम्मेदारों को जिले के परीक्षा केंद्रों की कई शिकायतें फोन और वाट्सएप पर मिलीं।
परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों की वेब कास्टिंग के दौरान भी विद्यार्थियों के बीच हलचल दिखी। कुछ विद्यार्थी आपस में चर्चा करने का प्रयास करते नजर आए, जबकि कुछ स्थानों पर कक्ष निरीक्षकों से बार-बार कुछ पूछने का प्रयास करते दिखे। इस पर कंट्रोल रूम से उन केंद्रों पर फोन करके उन्हें चेतावनी जारी की गई।
केंद्रों की मिल रही हैं शिकायतें
हाईस्कूल की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा दौरान कंट्रोल रूम में फोन आया कि नवां मील स्थित शांतिदेवी इंटर कॉलेज, करवना स्थित शंकरा देवी इंटर कॉलेज और कबीस, गढी चंदन स्थित मुरारी सिंह इंटर कॉलेज में रुपये लेकर नकल कराई जा रही है। साथ ही एक लिखित शिकायत मिली कि किरावली की सीमा पर अभुआपुरा स्थित रामखिलाड़ी इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों से नकल के नाम पर धन की वसूली हो रही है।
केंद्र व्यवस्थापक और प्रबंधक के लोग प्रति विद्यार्थी से 10 से 15 हजार रुपये वसूल रहे हैं। रुपये देने वाले विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिका हल करने के लिए शिक्षकों की तैनाती विषयवार की जाती है। साथ ही जिन विद्यार्थियों द्वारा रुपये नहीं दिए जाते हैं, उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। धन वसूलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इससे विद्यार्थी काफी परेशान हैं। इस पर चारों केंद्रों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की गई। साथ ही सचल दलों व नोडल मजिस्ट्रेट आदि को भेजकर जांच भी की गई। |
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