LHC0088 • Yesterday 23:57 • views 945
विधि संवाददाता, पटना। पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने शुक्रवार को न्यायालय परिसर में नये ई-फाइलिंग सेंटर का उद्घाटन किया। इसे न्यायिक व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल माना जा रहा है।
इस अवसर पर न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि ई-फाइलिंग सेंटर तकनीकी सेवाओं को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे विभिन्न प्रकार की फाइलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आएगी।
अब दाखिल होने वाले मामलों में कंप्यूटरीकरण और डिजिटलीकरण के माध्यम से कार्य होगा, जिससे अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों को सुविधा मिलेगी। मुख्य न्यायाधीश साहू ने कहा कि न्यायपालिका को समय के साथ तालमेल करना होगा।
उन्होंने बताया कि वे पूर्व में उड़ीसा में भी पेपरलेस कोर्ट व्यवस्था को प्रोत्साहित कर चुके हैं। फिलहाल उनके न्यायालय को पूर्णतः पेपरलेस बनाया जा चुका है और अन्य अदालतों को भी चरणबद्ध तरीके से पेपरलेस किया जा रहा है।
लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक राज्य के प्रत्येक जिले में कम से कम एक मजिस्ट्रेट और एक विशेष अदालत को पेपरलेस किया जाए। कार्यक्रम में बिहार के महाधिवक्ता पीके शाही सहित न्यायाधीश, अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित थे । महाधिवक्ता ने कहा कि डिजिटल फाइलिंग से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और न्यायालय की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
यह भी पढ़ें- नीट छात्रा मौत मामला: सीबीआई ने तेज की जांच, परिजनों और पुलिस के बयानों का हो रहा मिलान
यह भी पढ़ें- यूएस-इंडिया ट्रेड डील पर कांग्रेस की बैठक, किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप
यह भी पढ़ें- बिहार विधानसभा में कृषि विभाग का 3446.45 करोड़ रुपये का बजट पारित, खाद्यान्न उत्पादन में तीन गुना वृद्धि |
|