पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं व बुजुर्गों को काम करवाने के लिए कठिनाइयां होती हैं।
हरिओम यादव, रेवाड़ी। सैनिकों की खान कहे जाने वाले रेवाड़ी जिले में 17 साल बीत जाने के बाद भी ईसीएचएस भवन बनाना तो दूर आज तक जमीन की रजिस्ट्री तक नहीं मिल पाई है। यहां पर सैनिकों व उनके स्वजन के कल्याण के लिए ईसीएचएस, सीएसडी कैंटीन, डीपीडीओ, सैनिक सोल्जर बोर्ड व सैनिक रेस्ट हाउस संस्थाएं अलग-अलग स्थानों पर किराये के भवनों में चल रही हैं, जिससे पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं व बुजुर्गों को काम करवाने के लिए कठिनाइयां होती हैं।
इन्हीं कठिनाइयों के देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा देश के कुछ चुनिंदा जिले में यह सभी संस्थाएं एक ही छत के नीचे लाने के लिए सैनिक सदन की घोषणा की गई, जिसमें रेवाड़ी जिला भी शामिल है। जिले में कई हजार पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं व सेवार्थ सैनिक रहते है। सैनिक सदन व अन्य मांगों को लेकर पूर्व सैनिकों का सम्मेलन शहर के सेक्टर 19 स्थित रेजांगला शहीद पार्क में 22 फरवरी सुबह 11 बजे आयोजित होगा।
पूर्व सैनिक कल्याण संगठन के प्रधान सूरजपाल सिंह यादव ने बताया कि ईसीएचएस रक्षा मंत्रालय के अधीन आता है। एचएसवीपी ने 2007 में जमीन ईसीएचएस बनवाने के लिए मंजूर की गई थी। 2008 में उक्त जमीन के लिए ईसीएचएस ने एचएसवीपी को पैसे जमा करवा दिए थे। अभी तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं मिली है।
कुछ राशि हरियाणा सरकार को भरनी है। इस संबंध में पूर्व सैनिकों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी, उन्होंने पैसे देने का आश्वासन दिया था परंतु अभी तक नहीं मिले हैं।
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