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रांची में QR कोड से पुलिस गश्त की होगी निगरानी, स्कैन पर कंट्रोल रूम को मिलेगा लाइव लोकेशन

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प्रिंस श्रीवास्तव, रांची। शहर में अपराध नियंत्रण को और सशक्त बनाने के लिए रांची पुलिस ने एक नई तकनीकी पहल शुरू की है। अब शहर के चिन्हित एटीएम, जेवरात दुकानों, बैंकों और अन्य संवेदनशील स्थलों के साथ-साथ प्रमुख चौक-चौराहों पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं।

कई स्थानों पर इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। इस व्यवस्था के तहत गश्ती पर तैनात पुलिसकर्मी संबंधित स्थल पर पहुंचकर अपने मोबाइल फोन से वहां लगे क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे। स्कैन करते ही संबंधित पुलिसकर्मी का लाइव लोकेशन सिटी कंट्रोल रूम में दर्ज हो जाएगा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य गश्ती व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। पहले केवल निर्देश जारी कर दिए जाते थे कि बैंक, एटीएम या अन्य संवेदनशील स्थानों पर गश्ती बढ़ाई जाए। लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाता था कि पुलिसकर्मी वास्तव में वहां पहुंचे या नहीं।

कई बार गश्ती में लापरवाही की शिकायतें भी मिलती थीं। नई क्यूआर कोड प्रणाली लागू होने के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट रहेगा कि किस पुलिसकर्मी ने किस समय किस स्थान पर उपस्थिति दर्ज की।
भीड़भाड़ इलाके को प्रमुख रूप से किया गया है चिन्हित

रांची पुलिस ने शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित प्रमुख बैंकों, एटीएम केंद्रों, आभूषण दुकानों और भीड़भाड़ वाले चौक-चौराहों को चिन्हित किया है। इन स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। गश्ती दल जब अपने निर्धारित रूट पर निकलेगा तो उसे संबंधित स्थान पर रुककर कोड स्कैन करना अनिवार्य होगा।

यदि कोई पुलिसकर्मी निर्धारित समय पर कोड स्कैन नहीं करता है, तो इसकी सूचना स्वतः कंट्रोल रूम को मिल जाएगी और संबंधित कर्मी से जवाब-तलब किया जाएगा। स्कैन नहीं करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की भी तैयारी है।
सटीक जानकारी होने से घटना स्थल पर तुरंत पहुंचेगी पुलिस

इस तकनीकी निगरानी व्यवस्था से कंट्रोल रूम को यह भी जानकारी रहेगी कि किस क्षेत्र का पुलिस वाहन किस इलाके में सक्रिय है। इससे किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी गश्ती दल को तुरंत मौके पर भेजना संभव होगा। घटना की सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम लाइव लोकेशन के आधार पर सबसे नजदीक मौजूद टीम को निर्देश दे सकेगा।

इससे प्रतिक्रिया समय में कमी आएगी और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। इसके साथ ही, झारखंड जगुआर में उपयोग हो रहे सौ वाहनों को भी चिन्हित कर लिया गया है। जल्द ही रांची जिला बल को भी ऐसे वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।

सभी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है, जिससे उनकी गतिविधियों की लाइव मानिटरिंग की जा सकेगी। कंट्रोल रूम यह देख सकेगा कि वाहन किस रूट से गुजरा, कितनी देर किस क्षेत्र में रहा और निर्धारित गश्ती मार्ग का पालन हुआ या नहीं। इससे न केवल निगरानी मजबूत होगी, बल्कि गश्ती व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनेगी।
क्या कहते हैं एसएसपी राके रंजन

क्यूआर कोड प्रणाली लागू होने से सड़क पर तैनात पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। सिटी कंट्रोल रूम को हर समय यह जानकारी रहेगी कि किस क्षेत्र का वाहन किस इलाके में मौजूद है। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की घटना की सूचना मिलते ही पुलिस को तुरंत मौके पर भेजने में आसानी होगी। इसके अलावा पूरे शहर में पुलिस की सक्रियता बढ़ेगी, जिससे अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी बनेगा।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि तकनीक आधारित यह पहल शहर में सुरक्षा व्यवस्था को नया आयाम देगी। बैंकिंग संस्थानों, आभूषण कारोबारियों और आम नागरिकों में इससे सुरक्षा का भरोसा मजबूत होगा। आने वाले दिनों में जरूरत के अनुसार और भी स्थानों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा, ताकि रांची में अपराध नियंत्रण की दिशा में ठोस और स्थायी सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
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