कुत्तों की गिनती करते शिक्षक (सांकेतिक तस्वीर)
संवाद सहयोगी, कटिहार/आजमनगर। कटिहार जिले के सरकारी विद्यालयों में अब भटके कुत्तों की रोकथाम की जिम्मेदारी शिक्षकों को भी निभानी होगी। प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में एक-एक नोडल शिक्षक नामित किए जाएंगे, जो विद्यालय परिसर में आवारा कुत्तों के प्रवेश पर नजर रखेंगे और उन्हें बाहर करने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। यह पहल स्कूली बच्चों की सुरक्षा तथा मध्याह्न भोजन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से की गई है।
जिला एमडीएम पदाधिकारी निशित सिंह ने इस संबंध में पत्र जारी कर सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि वे तत्काल एक शिक्षक को नोडल पदाधिकारी नामित करें। जारी निर्देश में कहा गया है कि माननीय न्यायालय के आदेश तथा अपर मुख्य सचिव के निर्देश के आलोक में राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में भटकते कुत्तों के प्रवेश की रोकथाम, सुरक्षा उपायों के अनुपालन और विशेष रूप से मध्याह्न भोजन से उत्पन्न खाद्य अपशिष्ट के सुरक्षित प्रबंधन के लिए मानव संचालन आधारित कार्य प्रणाली को सख्ती से लागू किया जाना है।
निर्देश के तहत प्रत्येक विद्यालय को प्रखंड, पंचायत, विद्यालय का नाम, यू-डाइस कोड, नोडल शिक्षक का नाम और मोबाइल नंबर निर्धारित प्रपत्र में उपलब्ध कराना होगा। नामित शिक्षक विद्यालय परिसर की स्वच्छता, भोजन अवशेषों के समुचित निपटान तथा सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी करेंगे। साथ ही समय-समय पर इसकी रिपोर्ट भी संबंधित अधिकारियों को सौंपेंगे।
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से विद्यालयों में स्वच्छता और सुरक्षा को मजबूती मिलेगी तथा बच्चों को कुत्तों के काटने जैसी घटनाओं से बचाया जा सकेगा। हालांकि इस निर्णय से शिक्षकों की जिम्मेदारियों में एक नया आयाम जुड़ गया है। अब उन्हें शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ परिसर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी अतिरिक्त ध्यान देना होगा।
इधर, नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर के कई वार्डों में कुत्तों के लिए भोजन स्थल बनाए गए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है। इन स्थलों के निर्माण पर उल्लेखनीय राशि खर्च किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि कई जगहों पर नियमित रूप से भोजन उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। |