पनकी नीलम शुक्ला की फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, कानपुर। पनकी के एक अस्पताल में महिला के पैर में हुए फ्रैक्चर का ऑपरेशन किए जाने के कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। स्वजन ने डॉक्टर पर गलत ऑपरेशन करने का आरोप लगा हंगामा किया। पनकी थाना पुलिस के पहुंचने पर स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन से 30 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। स्वजन और अस्पताल के डॉक्टरों के बीच रात तक बातचीत चलती रही।
मूलरूप से कानपुर देहात के मैथा निवासी अतुल शुक्ला फजलगंज स्थित फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। अतुल ने बताया कि 15 फरवरी को रनियां से 36 वर्षीय पत्नी नीलम के साथ घर लौट रहे थे। रास्ते में तेज रफ्तार ट्रक के गुजरने से उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई और पत्नी गिर पड़ी। उसके बाएं पैर में फ्रैक्चर हो गया।
उन्हें पनकी स्थित नारायणा हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टर ने कच्चा प्लास्टर चढ़ाकर बताया कि पत्नी के पैर में रॉड व प्लेट पड़ेगी। बुधवार सुबह डॉक्टर ने पत्नी को एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) का इंजेक्शन लगाया और ऑपरेशन किया। उसके बाद पत्नी की हालत बिगड़ी तो आईसीयू में रखा गया, जहां कुछ देर में उनकी मौत हो गई।
पनकी थाना प्रभारी मनोज भदौरिया ने बताया कि दिवंगत का परिवार और अस्पताल प्रबंधन के बीच बातचीत चल रही है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नारायणा हॉस्पिटल के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रोहिणी श्रीवास्तव ने बताया कि हड्डियों के ऑपरेशन के बाद कुछ केस में ब्लड प्रेशर गिरने की समस्या आती है।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए दवाएं दी जाती हैं। अमूमन लोगों का कंट्रोल हो जाता है लेकिन नीलम का ब्लड प्रेशर कंट्रोल नहीं हो पाया।
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