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‘दिल के अरमां’ से ‘हर सितम’ तक: विधान परिषद में शायरी-गीत के बीच गूंजे ठहाके

LHC0088 1 hour(s) ago views 757
  

मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और राजद नेता अब्‍दुल बारी सिद्दीकी में मीठी नोकझोंक।  



राज्‍य ब्‍यूरो, पटना। Bihar Council: विधान परिषद में सोमवार को सियासी बहस के बीच शायरी–गीत की जुगलबंदी ने माहौल हल्का कर दिया।

राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी और बिहार सरकार के वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव के बीच मीठी नोक-झोंक हुई, तो ठहाकों से सदन गूंज उठा।

बहस के दौरान वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने चारा घोटाले का जिक्र करते हुए पूर्व की राजद सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि बिहार के बंटवारे के बाद यह कहा गया था कि यहां सिर्फ आलू, बालू और लालू रह गया है।

फिर सवालिया लहजे में बोले-आज स्थिति क्या है? सड़कों का जाल बिछा, बिजली की व्यवस्था सुधरी और हर क्षेत्र में विकास दिख रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले घोटालों के कारण मुख्यमंत्री को जेल तक जाना पड़ा था।

इसी बीच सिद्दीकी ने शायरी के अंदाज में वित्त मंत्री पर टिप्पणी कर दी-\“दिल के अरमां आंसुओं में बह गए, हम वफा करके भी तन्हा रह गए…\“

शायरी का जवाब भी शायरी में आया। उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने मुस्कराते हुए कहा कि बिजेंद्र बाबू ने मुझे सिद्दीकी जी के लिए बताया है, और फिर गुनगुनाया-  

\“शायद उनका आखिरी हो ये सितम,
हर सितम ये सोचकर हम सह गए…\“

गीत खत्म होते-होते सदन में ठहाकों की लहर दौड़ गई। आसन पर बैठे राम वचन राय ने चुटकी लेते हुए कहा-\“यह दो मित्रों का आपसी संवाद है,\“ और पूरे वाकये को व्यंग्यात्मक लहजे में लेते हुए आगे की कार्यवाही बढ़ा दी।

कुल मिलाकर, सियासत की तीखी बहस के बीच शायरी और गीत ने विधान परिषद को कुछ पल के लिए मंच-ए-मुशायरा बना दिया।
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