घोष के खिलाफ ट्रायल को सरकार की मंजूरी नहीं मिली
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल सरकार की मंजूरी नहीं मिलने के कारण कोलकाता स्थित विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में सरकारी आरजी कर मेडिकल कालेज व अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ वित्तीय अनियमितता मामले में ट्रायल शुरू नहीं हो सका।
राज्य सरकार ने अभी तक घोष के खिलाफ अभियोजन शुरू करने के लिए अनिवार्य मंजूरी नहीं दी है, जो राज्य सरकार के कर्मचारी हैं। मामले में अगली सुनवाई की तारीख सात मार्च तय की गई है।
घोष के खिलाफ ट्रायल को सरकार की मंजूरी नहीं मिली
ईडी गत छह फरवरी को विशेष पीएमएलए अदालत में इस मामले में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसमें उसने संदीप घोष को इस मामले का मास्टरमाइंड बताया है।
चार्जशीट में दो निजी विक्रेताओं बिप्लब सिन्हा और सुमन हाजरा को भी इस मामले में लाभार्थी के रूप में नामित किया है।
आरजी कर अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में मुख्य आरोपों में निविदा प्रक्रिया में हेरफेर, राज्य के लोक निर्माण विभाग को दरकिनार करते हुए निजी एजेंसियों को बुनियादी ढांचा अनुबंध देना और शव परीक्षण के लिए अज्ञात शवों के अंगों की अवैध बिक्री शामिल है।
मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा के खिलाफ आरोपों की सुनवाई में देरी
शिक्षक भर्ती घोटाले में आरोपित बंगाल के मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू होने में देर हो सकती है।
इसका कारण यह है कि इस मामले में ईडी ने अभी तक बचाव पक्ष के वकील द्वारा मांगे गए प्रासंगिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए हैं। आरोप तय करने की प्रक्रिया सोमवार को कोलकाता में विशेष पीएमएलए अदालत में होनी थी।
न्यायाधीश ने ईडी को 13 मार्च तक दस्तावेजों को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जिसके बाद आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में नाम सामने आने के बाद पिछले साल छह सितंबर को सिन्हा ने ईडी की विशेष अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था और उन्हें जमानत मिल गई थी। |
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