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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को रहेंगे उत्तराखंड दौरे पर।
रविंद्र बड़थ्वाल, देहरादून। उत्तराखंड में अगले वर्ष विधानसभा के चुनावी रण में राजनीतिक स्थिरता भाजपा का अचूक हथियार होगा। सरकार बदलने की चर्चाओं को हवा देकर राज्य को अस्थिरता के दौर की याद दिलाने के प्रयासों पर पार्टी पूर्ण विराम लगाने जा रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को उत्तराखंड दौरे पर विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंकने के साथ राजनीतिक स्थायित्व को लेकर भी संदेश देंगे।
धामी सरकार के चार वर्ष यूं तो 23 मार्च को पूरे होंगे, लेकिन इस उपलक्ष्य में 16 दिन पहले ही हरिद्वार में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। शाह की हरिद्वार में गर्जना के साथ यह संशय भी दूर हो जाएगा कि मुख्यमंत्री धामी ही चुनाव में पार्टी का चेहरा होंगे।
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा लगातार तीसरी बार जीत की हैटट्रिक की तैयारी कर रही है। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद भाजपा के खाते में ऐसे राज्यों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जहां पार्टी लगातार दो और तीन विधानसभा चुनावों में जीती है।
हरियाणा, मध्य प्रदेश और गुजरात में ऐसा हो चुका है। महाराष्ट्र में लगातार दूसरी बार भाजपा सरकार बनी है। केंद्र के साथ राज्यों में एंटी इनकंबेंसी को प्रो इनकंबेंसी में बदलने की भाजपा की रणनीति सफल रही है। इसी के बूते उत्तराखंड में भी तीसरी बार सत्ता के लिए दावेदारी को मजबूत किया जा रहा है।
पिछले लगभग चार वर्ष के कार्यकाल में ऐसे अवसर कई बार आये, जब सरकार बदलने की चर्चाओं ने जोर पकड़ा। ऐसे में सरकार की स्थिरता को लेकर चर्चाओं पर हाईकमान सख्त हुआ है।
विगत शनिवार को भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी की पहली बैठक में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने ऐसी चर्चाओं को लेकर पार्टी के नेताओं को भी नसीहत दी।
अब भाजपा के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी सात मार्च के दौरे के निहितार्थ भी स्पष्ट हैं। पिछले कुछ दिनों से अंकिता भंडारी प्रकरण हो या कानून व्यवस्था, या अन्य मुद्दे कांग्रेस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
ऐसे में शाह के दौरे को भाजपा के चुनावी शंखनाद के साथ धामी सरकार को मजबूती देने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शाह के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उत्तराखंड का रुख कर सकते हैं।
हरिद्वार में शाह के दौरे के दौरान धामी सरकार की उपलब्धियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार समान नागरिक संहिता, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण, मतांतरण और दंगाइयों पर सख्ती, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए कड़े कानून बना चुकी है।
सनातन को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध आपरेशन कालनेमि वृहद स्तर पर प्रारंभ किया गया है। अगले चुनाव में मुख्यमंत्री धामी और उनकी सरकार की इन उपलब्धियों को गिनाया जाएगा।
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