जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा बजट सत्र का मंगलवार को हंगामेदार शुरुआत हुई।सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री मोहन माझी ने विधानसभा के पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए शोक प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद राज्यपाल ने सदन को संबोधित किया।
हालांकि, राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस और बीजू जनता दल (बीजद) के सदस्यों ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट किया।
इस दौरान बीजद से निष्कासित विधायक अरविंद महापात्र और सनातन महाकुड़, जिनकी सीटें पार्टी से निष्कासन के बाद हाल ही में विधानसभा में बदली गई थीं, अपनी-अपनी सीटों पर बैठे रहे और वॉकआउट में शामिल नहीं हुए। सीट परिवर्तन पर प्रतिक्रिया देते हुए महापात्र ने कहा कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
उन्होंने कहा कि वह अब भी विधायक हैं और सदन में किसी भी सीट से अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठा सकते हैं।उन्होंने बताया कि वह सरकार द्वारा अपनी उपलब्धियों को लेकर किए जा रहे दावों का आकलन करने के लिए राज्यपाल का अभिभाषण सुनना चाहते थे।यदि उन्हें अवसर मिला, तो वह सरकार के प्रदर्शन के साथ-साथ अपने निर्वाचन क्षेत्र पट्कुरा से संबंधित मुद्दों को भी उठाएंगे।
महापात्र ने यह भी कहा कि उन्हें अब तक यह जानकारी नहीं है कि उन्हें बीजद से किस कारण से निष्कासित किया गया। सत्र में पेश किए गए बजट पर उन्होंने कहा कि वह उचित समय पर अपनी राय रखेंगे।इस प्रकार, बजट सत्र के पहले दिन शोक, राजनीतिक विरोध और उभरते विवाद का मिला-जुला दृश्य देखने को मिला, जिसने आने वाले दिनों में तीखी बहसों के संकेत दे दिए हैं। |