दनकौर के दलेलगढ़ गांव में इसी गड्ढे में भरे पानी में डूबकर हुई थी तीन वर्षीय देवांश की मौत। जागरण
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। दनकौर क्षेत्र के दलेलगढ़ गांव में गड्ढे में भरे पानी डूबकर तीन वर्षीय बच्चे की मौत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के लापरवाही का परिणाम है। अधिसूचित क्षेत्र की जमीन पर माफिया मिट्टी का खनन कर गहरे गड्ढे बनाते रहे, लेकिन प्राधिकरण ने इसे रोकने और गड्ढों को भरने तक की जहमत नहीं उठाई।
नवीन परती भूमि होने कारण सीधे तौर पर इस जमीन के रखरखाव की जिम्मेदारी प्राधिकरण की ही है, बावजूद इसके प्राधिकरण ने लापरवाही बरती। ग्रामीणों ने प्राधिकरण के अधिकारियों को नींद से जगाने के लिए शिकायतें भी की थी, बावजूद प्राधिकरण के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। यदि समय रहते प्राधिकरण इन गड्ढों को भरवा देता या इसके चारों तरफ सुरक्षा के उपाय कर देता तो इस हादसे को रोका जा सकता था।
घटनास्थल से 300 मीटर दूर किसान की जमीन
नवीन परती जमीन के करीब दो बीघा हिस्से पर जगह जगह गड्ढे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यह गड्ढे कहीं कहीं पांच से 20 फीट तक गहरे हैं। किसान धर्मवीर का कहना है कि प्राधिकरण ने जिन किसानों की यह जमीन बताई है, उसमें से एक हिस्सा उनका और उनके भाई की जमीन है।
यह जमीन घटना स्थल से 300 मीटर दूर पर है, यह जमीन उनकी नहीं है। यहां अधिकतर गड्ढों में पानी भरा है। पानी की निकासी न होने से गड्ढे में जलजमाव है। इनमें गिरने के खतरे के साथ ही बीमारी फैलने का भी डर लोगों में बना है। कई बार जिला प्रशासन और प्राधिकरण से गड्ढों को भरने या फिर इनके चारों ओर फेंसिंग करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
अधिसूचित जमीन पर कब्जा होते ही प्राधिकरण हो जाता अलर्ट, यहां अनदेखी क्यों?
ग्रामीणों का कहना है कि प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में कई ऐसी जमीन है, जहां अभी तक विकास कार्य शुरू नहीं हुए हैं। ऐसे में किसान जिनकी जमीन प्राधिकरण ने अधिसूचित की है वहां अस्थायी रूप से किसी तरह का छोटा-मोटा निर्माण भी करते है, तो प्राधिकरण की टीम तत्काल पहुंच जाती है, लेकिन इस जमीन पर खोदाई कर मिट्टी निकाली जाती रही और गहरे गड्ढे हो गए, लेकिन प्राधिकरण ने कार्रवाई की जहमत तो छोड़िए एक बार भी मौके का निरीक्षण करने तक नहीं आए।
दलेलगढ़ में जहां हादसा हुआ वहां जांच कराने पर पता चला कि वह खसरा संख्या 373 की भूमि है। यह प्राधिकरण की अधिसूचित जमीन है, लेकिन अभी विकास कार्य शुरू नहीं हुए हैं। जिस मंदिर के पास घटना हुई उसके मालिक तीन किसान हैं। मंदिर की तरफ से स्थायी सीढ़ी बना रखी है, जो गड्ढे की ओर जाती है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि पूजा में सभी व्यस्त थे, इसी दौरान बच्चा सीढ़ी के रास्ते उस गड्ढे तक पहुंच गया। प्राधिकरण अपील करता है कि गांवों में किसी तरह के निजी आयोजन से पहले प्राधिकरण व प्रशासन को इसकी जानकारी दे दें, जिससे कि वहां सभी सुरक्षा इंतजाम किए जा सकें।
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- एके सिंह, महाप्रबंधक, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण |