देहरादून गैंगस्टर विक्रम हत्याकांड।
जागरण संवाददाता, देहरादून। झारखंड के गैंग्सटर विक्रम शर्मा की हत्या के राज उनके आइफोन में छिपे हो सकते हैं। तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस आइफोन को अनलाक नहीं कर पाई है, ऐसे में पुलिस मुख्य हमलावर तक नहीं पहुंच पा रही है।
फोन को अनलाक करने के प्रयास जारी हैं। फोन अनलाक होने पर ही पता चल सकेगा कि विक्रम शर्मा किसके संपर्क में था। उनके पास किस-किसके फोन आए और उसने किस-किससे मैसेज या वाट्सएप पर चैट की है।
दूसरी ओर जांच में यह बात भी सामने आई है कि विक्रम शर्मा कुछ समय पहले ही झारखंड गया था। वहां उसका संपर्क किस-किससे हुआ, इसकी जानकारी भी पुलिस जुटा रही है।
गैंग्सटर विक्रम शर्मा का शिष्य अखिलेश इस समय जेल में बंद है। ऐसे में विक्रम शर्मा ने काफी रकम अपने भाई के कारोबार में लगाई हुई थी। पुलिस ने विक्रम शर्मा की पत्नी व भाई से भी लंबी पूछताछ की। विक्रम शर्मा की पत्नी ने भी कुछ लोगों पर शक जताया है, जोकि पुलिस की रडार पर हैं।
रिलायंस ज्वेलर्स में हुई डकैती की तर्ज पर दिया वारदात को अंजाम
बिहार के गिरोह ने जिस प्रोफेशनल तरीके से दो साल पहले उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर राजपुर रोड स्थित रिलायंस ज्वेलर्स पर डकैती की घटना को अंजाम दिया था, ठीक उसी तर्ज पर विक्रम शर्मा की हत्या की गई।
तीनों शूटर ट्रेन व प्लेन से हरिद्वार पहुंचे, जहां तीनों की मुलाकात हुई। इसके बाद उन्होंने किराये पर स्कूटी व बाइक ली और बाइक पर झारखंड का फर्जी नंबर लगाया। राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी माल में गैंग्सटर की हत्या करने के बाद वह थानों के रास्ते हरिद्वार पहुंचे और यहां बाइक जमा कराई। इसके बाद कोई ट्रेन तो कोई प्लेन से वापस झारखंड पहुंचा।
गिरोह के अन्य सदस्यों ने उपलब्ध कराए हथियार
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि शूटरों के गिरोह के अन्य सदस्यों ने उन्हें हथियार उपलब्ध कराए थे। हत्या की सुपारी देने के लिए शूटरों को मोटी रकम दी गई थी। अब पुलिस कड़ियों को जोड़कर आरोपितों तक पहुंचने के का प्रयास कर रही है। पुलिस ने शूटरों के बारे में जानकारी जुटा ली है लेकिन गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में पुलिस को अभी कुछ समय लग सकता है।
गिरोह ने प्रोफेशनल तरीके से गैंग्सटर विक्रम शर्मा की हत्या को अंजाम दिया है। पुलिस शूटरों व गिरोह से जुड़े सदस्यों के काफी नजदीक है। जल्द ही शूटरों व गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके लिए पुलिस व एसटीएफ की टीमें अलग-अलग जगह भेजी गई हैं।
- प्रमेंद्र सिंह डोबाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून।
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