स्कॉर्पियो चालक दीपक की जान लापरवाही, स्टंटबाजी व तेज रफ्तार के कारण चली गई।
परमजीत सिंह, गोहाना। शादी से लौट रहे पांच दोस्तों की जान स्कर्पियो चालक दीपक की लापरवाही, स्टंटबाजी व तेज रफ्तारी के कारण चली गई। वह संपर्क मार्ग पर गाड़ी को इधर से उधर घुमाते हुए तेज रफ्तार में चला रहा था, इसकी जानकारी घायल मोहित ने पुलिस को दी।
गाड़ी में सवार दोस्तों ने उसे कई बार टोका, लेकिन वह नहीं माना। आखिरकार गाड़ी अनियंत्रित हुई और पेड़ से जबरदस्त टक्कर लगी। पेड़ का निचला हिस्सा लगभग 10 फीट ऊंचाई तक छिल गया। गाड़ी पेड़ से टकराने के बाद रुकी नहीं बल्कि घूम गई।
शनिवार को बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कालेज के अस्पताल में पांचों युवकों के शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंपा। मोहित ने दीपक पर केस दर्ज कराया, जिसकी हादसे में मौत हो चुकी है।
रोहतक में गांव खिड़वाली के मोहित ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार को वह अपने साथियों गांव घुसकानी के रोहित उर्फ गोलू व सागर और गांव खिड़वाली के अंकुश, दीपक, साहिल व अंकित के साथ गांव भावड़ में अपने दोस्त अजय की बुआ के यहां शादी के दौरान भात में आए थे।
अजय उनके पड़ोस के गांव जिंदरान का रहने वाला है। भात की रस्म पूरी करके वे स्कार्पियो में बैठकर गोहाना के गांव भावड़ से अपने गांव के लिए चले थे। गाड़ी को उस समय दीपक चला रहा था। भावड़ से निकलते ही उसने गाड़ी तेज रफ्तार में लापरवाही से चलानी शुरू कर दी थी। सभी दोस्तों ने उसे कई बार ठीक से गाड़ी चलाने के लिए टोका, लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी। दीपक लापरवाही से गाड़ी चलाता गया।
वे जब गांव घड़वाल के निकट पहुंचे तो गाड़ी की सड़क किनारे खड़े पीपल के पेड़ से जोरदार टक्कर लगी और गाड़ी घूम गई। गाड़ी में सवार सभी को चोटें लगी। हादसे में रोहित उर्फ गोलू, अंकुश, दीपक, साहिल और सागर की मौत हो गई। अंकित को गंभीर हालत में रोहतक रेफर किया गया। मोहित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कालेज के अस्पताल में दाखिल कराया गया।
हादसे से पहले दोस्तों ने नहर किनारे बिताए खुशी के पल
स्कार्पियों में सवार सातों दोस्तों ने हादसे से कुछ समय पहले ही गांव भावड़ और घड़वाल के बीच से गुजर रही बुटाना ब्रांच नहर के पास खुशी के पल बिताए थे। उन्होंने अपनी गाड़ी नहर के किनारे पटरी पर रोकी। इसके बाद सभी ने गाड़ी से उतरकर अपने मोबाइलों से फोटो भी खींचे।
सागर, दीपक, साहिल, मोहित व अंकुश ने एक साथ फोटो लिया और उसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर साझा कर खुशी जाहिर की। पोस्ट पर फोटो के साथ लिखा- मुकद्दमवर भाई। इसका मतलब है एक दूसरे को बहुत भाव देना। इन पांचों में केवल मोहित ही जिंदा बचा। वह हादसे को याद करके सहम जा रहा है।
हादसे से पांच परिवारों को दिए गहरे जख्म
हादसे में पांच दोस्तों की दर्दनाक मौत ने उनके परिवारों को जीवन भर के लिए जख्म दे दिया। पांचों साधारण परिवारों से थे। इनमें तीन तो परिवारों के इकलौते बेटे थे। गांव खिड़वाली के साहिल ने 12वीं तक पढ़ाई की थी और आगे की पढ़ाई के लिए कालेज जाने की तैयारी कर रहा था। वह परिवार में इकतौला बेटा था। माता-पिता के साथ एक बहन है। बहन की शादी हो चुकी है। साहिल के पिता सतबीर एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड हैं।
स्वजन का कहना है कि साहिल दो दिन पहले नौकरी की तलाश में गया था। गांव खिड़वाली का दीपक भी इकलौता बेटा था। उसके परिवार में एक बड़ी बहन और माता-पिता हैं। परिवार खेती करता है। इसी गांव का अंकुश प्राइवेट नौकरी करता था। वह दो भाइयों में छोटा था। अब परिवार में बड़ा भाई, भाभी, दादी और माता रह गई हैं। अंकुश के पिता का निधन हो चुका है। गांव घुसकानी के रोहित उर्फ गोलू की दो महीने पहले ही रोहतक में शादी हुई थी।
वह परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। परिवार में अब उसकी पत्नी और वृद्ध मां-बाप रह गए। गांव घुसकानी के सागर की गाड़ी थी, जो सरपंच का भतीजा है। सागर स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। उसका बड़ा भाई प्राइवेट काम के साथ खेती करता है। परिवार के पास गांव में जमीन है, जिस पर खेती की जाती है।
तेज रफ्तार के चलते हादसा हुआ। जिस पेड़ से गाड़ी टकराई, उस पर लगभग 10 फीट तक छिलने के निशान हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिए गए। - राहुल देव, एसीपी
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