प्रतीकात्मक चित्र
संवाद सूत्र, शीशगढ़। चार महीने पहले दुष्कर्म के मामले को कानून के दायरे में न लाकर पंचायत ने फैसला करा दिया। तय हुआ कि दोनों का निकाह करा दिया जाए। दोनों परिवारों की सहमति बनी तो मामला खत्म कर दिया गया। अब जब शादी की बात आई तो आरोपित युवक पलट गया। मामले में युवती ने आरोपित के विरुद्ध प्राथमिकी लिखाई तो पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
शीशगढ़ के एक गांव निवासी युवती ने पुलिस को बताया कि पड़ोस में रहने वाले नाजिम ने चार महीने पहले घर में घुसकर दुष्कर्म किया था। पकड़े जाने पर उसे पुलिस को नहीं सौंपा गया बल्कि, गांव में बात पंचायत के सामने रखी गई। पंचायत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला करा दिया। तय हुआ कि दुष्कर्म का आरोपित नाजिम और युवती का निकाह करा दिया जाए।
जान बचाने के लिए उस वक्त आरोपित नाजिम और उसका परिवार तय हो गया। युवती का आरोप है कि इसके बाद आरोपित ने कई बार उसका शारीरिक शोषण किया। आरोप है कि आरोपित ने वीडियो भी रिकार्ड कर लिए थे। कुछ दिनों बाद नाजिम निकाह करने से मुकरने लगा।
जब युवती ने निकाह का दबाव बनाया तो आरोपित ने वीडियो प्रसारित करने की धमकी दी। परिवार से बातचीत करने को जब युवती के स्वजन आरोपित के घर गए तो आरोपित के बहनोई शफीक व असलम ने गाली गलौज कर पीटकर भगा दिया। मामले में पुलिस ने अब आरोपित नाजिम को जेल भेज दिया है।
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