सांकेतिक फोटो
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। उप संभागीय परिवहन विभाग कार्यालय अपने कारनामों को लेकर हमेशा सुर्खियों में बना रहता है, लेकिन इस बार मौत के पांच माह बाद ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर चर्चाओं में बना हैं। हालांकि विभागीय अधिकारी मामले जांच के बाद आरोपित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा कर रहे हैं।
कोतवाली जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव शेखुपुर रौरा निवासी सुखवीर सिंह पुत्र विजयपाल सिंह ई-रिक्शा चालक था। उसकी एक मार्च 2025 को सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जिसका जिला अस्पताल द्वारा 21 अप्रैल 2025 को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया, लेकिन मजे की बात तो यह है कि सुखवीर ने मौत के पांच माह बाद यानी एक अगस्त 2025 से 10 अगस्त 2025 तक राजा मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल स्याना में ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण लिया और उप संभागीय परिवहन विभाग ने बिना जांच किए उसका प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया।
अब सवाल उठता है कि ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल ने मर चुके व्यक्ति को कैसे प्रशिक्षण दे दिया और उप संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रमाण पत्र जारी करने से पहले प्रशिक्षण पत्र की जांच क्यों नहीं कराई। यह मामला विभाग से लेकर शहर में चर्चा का विषय बना है।
इन्होंने कहा
ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है, अगर ऐसा हुआ है तो प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांचोपरांत आरोपित कर्मचारी एवं संबंधित स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सतीश कुमार, एआरटीओ प्रशासन
इस मामले में मुझे कोर्ट से नोटिस प्राप्त हुआ है। थोड़ा समय बीत गया है। मैं इसको दिखवाता हूं। प्रमाणपत्र कैसे जारी हो गया।
शब्बीर, संचालक, राजा मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल स्याना। |