ओवरलोड हाइवा ने बिगाड़ी पीएम सड़क की सूरत
संवाद सूत्र, रमकंडा (गढ़वा)। रमकंडा प्रखंड के हरहे पंचायत अंतर्गत कुट्टी तथा रंका के गासेदाग गांव सिवान में संचालित माइंस खदान से निकलने वाले ओवरलोड हाइवा वाहनों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही एक सड़क की तस्वीर ही बदल दी है।
हालात ऐसे हो गए हैं कि विभाग ने क्षतिग्रस्त जीएसबी का हवाला देते हुए आगे निर्माण कार्य करने से साफ इनकार कर दिया है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
जीएसबी पूरी तरह उखड़ गई
शनिवार को हरहे पंचायत के मुखिया श्रवण प्रसाद कमलापुरी के नेतृत्व में ग्रामीण उमेश सिंह, सुरेश रवि, दिलीप नाथ सिंह, महादेव प्रसाद, बृजमोहन सिंह, शंभू चौधरी आदि ग्रामीण निर्माणाधीन सड़क पर उतर आए और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि खदान से दिन-रात ओवरलोड पत्थर ढोने वाले हाइवा वाहनों के कारण पहले से बिछाई गई जीएसबी पूरी तरह उखड़ चुकी है। भारी वाहनों के दबाव से सड़क की बुनियाद ही कमजोर हो गई है।
ओवरलोड वाहनों का परिचालन बंद करने की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार माइंस संचालक और संबंधित विभाग को लिखित व मौखिक रूप से सूचना दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब विभाग यह कहकर पल्ला झाड़ रहा है कि जब तक ओवरलोड वाहनों का परिचालन बंद नहीं होगा, तब तक सड़क निर्माण संभव नहीं है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कसमार से हरहे होते हुए कुट्टी सिवान तक सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। लगभग पांच किलोमीटर सड़क बन चुकी तथा करीब एक किलोमीटर हिस्सा अब भी अधूरा पड़ा है। विभाग का तर्क है कि जीएसबी बिछाने के बाद भी बार-बार ओवरलोड हाइवा के कारण परत खराब हो रही है, जिससे निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
ग्रामीणों ने प्रशासन से ओवरलोड वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। इस मामले में पक्ष जानने के लिए विभाग के सहायक अभियंता अंकुर चोरसिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया। लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। |
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