The Patil Effect Explained: टेक दुनिया में हाल ही में एक नया शब्द तेजी से चर्चा में आया है- 'SaaSpocalypse'. इसका मतलब है सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस यानी SaaS कंपनियों के लिए मुश्किलों का दौर. जब AI टूल्स इंसानों का काम खुद करने लगें, तो बड़ी-बड़ी सॉफ्टवेयर और IT सर्विस कंपनियों की जरूरत कम हो सकती है. यही डर निवेशकों के मन में बैठ गया और बाजार में भारी बिकवाली शुरू हो गई. इसका असर इतना बड़ा था कि भारतीय IT कंपनियों का करीब ₹2.5 लाख करोड़ का मार्केट वैल्यू कुछ ही दिनों में साफ हो गया.

अमेरिका में आईटी शेयरों में भूचाल
Anthropic AI के नए टूल ने अमेरिका में आईटी शेयरों में भूचाल ला दिया. अगर अमेरिकी बाजार की बात करें तो एक दिन में वहां करीब 300 अरब डॉलर का मार्केट साफ हो गया. Apple के स्टॉक्स आज 1.29 % क्रैश होकर 274.53 डॉलर पर ट्रेड कर रहे हैं. Meta के स्टॉक्स में 0.10 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. Amazon के शेयर 10% क्रैश होकर 8-महीनों के लोअर सर्किट पर पहुंच गए. कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में बीते कुछ दिनों में 10 से 20 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है. अमेरिकी बाजारों में सॉफ्टवेयर और डेटा सर्विस कंपनियों के शेयर बुरी तरह से गिर रहे हैं. Legal Zoon में 19.68 फीसदी की गिरावट, EPAM System 12.87 फीसदी तक टूटा है. इसी तरह से Expedia Group, Thomson Reuters भी गिरे है.
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एक भारतीय नाम क्यों बना चर्चा का केंद्र
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक भारतीय मूल के टेक एग्जीक्यूटिव राहुल पाटिल का नाम सामने आया. वे AI स्टार्टअप Anthropic में अक्टूबर 2025 से चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर यानी CTO हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के Claude नाम के AI टूल को एंटरप्राइज लेवल पर मजबूत बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही. Claude के नए वर्जन ने सिर्फ चैटबॉट को स्मार्ट नहीं बनाया, बल्कि ऐसे टूल्स दिए जो पूरे-पूरे ऑफिस वर्कफ्लो खुद चला सकते हैं. यही बदलाव निवेशकों के लिए बड़ा झटका बन गया.
Claude AI ने क्या नया किया
Claude का लेटेस्ट वर्जन अब सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देता, बल्कि खुद काम भी कर सकता है. जैसे कानूनी कॉन्ट्रैक्ट की जांच करना, कोड मैनेज करना, डॉक्यूमेंट संभालना या डेटा एनालिसिस करना. यानी जो काम पहले इंसान या बड़ी IT सर्विस कंपनियां करती थीं, अब वही काम AI अपने आप कर सकता है. इससे कंपनियों को कम लोगों में ज्यादा काम मिल सकता है और लागत भी घट सकती है. यही बात IT सेक्टर के लिए खतरे की घंटी बन गई.
बाजार क्यों घबरा गया
जब Claude के ये नए फीचर लॉन्च हुए, तो शेयर बाजार ने तुरंत रिएक्ट किया. भारत में Nifty IT इंडेक्स करीब 8% गिर गया. सिर्फ तीन ट्रेडिंग सेशन में ₹2.5 लाख करोड़ की वैल्यू खत्म हो गई. निवेशकों को डर था कि अगर AI इतनी तेजी से काम करने लगेगा, तो IT सर्विस कंपनियों के बड़े कॉन्ट्रैक्ट कम हो सकते हैं. इसी वजह से भारी बिकवाली देखने को मिली. एक्सपर्ट्स ने इसे “SaaSpocalypse” नाम दिया, यानी SaaS कंपनियों के लिए संकट का दौर.
दो बड़े ट्रिगर जिन्होंने बढ़ाया डर
इस गिरावट के पीछे दो बड़ी वजहें बताई जा रही हैं. पहली, Anthropic ने Claude Cowork नाम का AI एजेंट लॉन्च किया, जो लीगल, सेल्स, मार्केटिंग और डेटा जैसे काम ऑटोमेट कर सकता है. ये वही सेक्टर हैं जहां IT कंपनियां सबसे ज्यादा कमाई करती हैं. दूसरी तरफ Palantir ने दावा किया कि उसका AI प्लेटफॉर्म SAP माइग्रेशन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को सालों की जगह हफ्तों में पूरा कर सकता है. इससे निवेशकों को लगा कि अब ERP जैसे सेफ माने जाने वाले सेक्टर भी AI से प्रभावित हो सकते हैं.
‘Patil Effect’ क्या है
राहुल पाटिल ने Anthropic में आकर कंपनी की टेक टीम और इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह ऑप्टिमाइज किया. उन्होंने महंगे चिप्स से ज्यादा आउटपुट निकालने के तरीके अपनाए, जिससे AI चलाने की लागत कम हुई. मेमोरी मैनेजमेंट और तेज प्रोसेसिंग जैसी टेक्नोलॉजी से Claude को ज्यादा सस्ता और तेज बनाया गया. अब कंपनी सीधे कंपनियों को “हमेशा ऑन” AI एजेंट दे सकती है. वॉल स्ट्रीट पर इस बदलाव को ही “Patil Effect” कहा जा रहा है.

बेंगलुरु से ग्लोबल AI लीडर तक का सफर
राहुल पाटिल की कहानी भी प्रेरणादायक है. उन्होंने बेंगलुरु की PES यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. इसके बाद अमेरिका जाकर मास्टर्स और MBA किया. उन्होंने Microsoft, Amazon AWS, Oracle Cloud और Stripe जैसी बड़ी कंपनियों में काम किया. सालों के अनुभव के बाद वे अब Anthropic में CTO बने हैं और ग्लोबल AI इंडस्ट्री में बड़ा नाम बन चुके हैं.
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