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क्यों होती है ट्रेन अलग-अलग रंग की।
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। जब भी आप ट्रेन से सफर करते हैं, तो आपने रेलवे स्टेशन पर खड़ी रंग-बिरंगी ट्रेनों को जरूर देखा होगा। किसी ट्रेन का रंग लाल होता है, तो कोई ट्रेन नीली व पीली रंग की होती है। लेकिन क्या इन रंगो से भरी ट्रेन को देखकर कभी आपके दिमाग में यह सवाल आया है कि आखिर प्लेटफॉर्म पर खड़ी हर ट्रेन का रंग अलग क्यों होता है? अधिकतर लोगों का मानना है कि भारतीय रेल में अधिक रंगो का इस्तेमाल ट्रेन की खूबसूरती बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
दरअसल भारतीय रेल का हर रंग अपने इतिहास और पहचान की एक अलग कहानी बयां करता है। ऐसे में अगर आप भी इन रंगों के मायने जान लें, तो आपकी रेल यात्रा पहले से और अधिक रोचक बन सकती है। इसलिए इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि भारतीय रेल अलग-अलग रंग की क्यों होती है। साथ ही इन भारतीय रेल के रंगो का क्या इतिहास है।
हर ट्रेन का रंग अलग क्यों?
भारतीय ट्रेन अलग-अलग रंगों की इसलिए नहीं होती है, क्योंकि यह देखने में सुंदर लगती है। बल्कि ट्रेन को अलग-अलग रंगों से इसलिए रंगा जाता है, ताकि यात्री गण आसानी से यह पहचान कर सके कि कौन-सी ट्रेन किस स्टाफ के लिए है। अलग-अलग ट्रेन के रंग यात्रियों और भारतीय रेलवे में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक पहचान का काम करती है। इन अलग-अलग रंगों की ट्रेन को देखकर यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि कौन-सी ट्रेन में AC है और कौन-सी ट्रेन स्लीपर वाली है।
नीली ट्रेन के मायने
भारतीय रेलवे में सबसे आम रंग की ट्रेन नीली रंग की होती है। नीला रंग यात्रियों और कर्मचारियों को स्लीपर और जनरल कोच की पहचान करने में मदद करता है। इसके साथ ही भारतीय ट्रेन में नीला रंग नॉन एसी और किफायती यात्रा को भी दर्शाता है। बता दें, पहले भारतीय ट्रेन अधिकतर मरून रंग की होती थी, लेकिन बाद में मॉर्डनाइजेशन के तहत मरून ट्रेन को नीले रंग में तब्दील कर दिया गया।
भारतीय ट्रेन का इतिहास है मरून रंग
आज के दौर में मरून रंग की ट्रेन को भारतीय रेलवे की एक रोचक इतिहास, संस्कृति और परंपरा के रूप में देखा जाता है। दरअसल पुराने समय में अधिकतर ट्रेनों का रंग मरून होता था। ये रंग भारतीय रेलवे के शुरुआती दिनों और संस्कृति की याद दिलाता है।
क्या कहता है ट्रेन का हरा रंग
हरे रंग की ट्रेन भी यात्रियों के बीच काफी ज्यादा लोकप्रिय है। दरअसल हरे रंग की ट्रेन गरीब रथ ट्रेनों और विशेष सेवाओं के लिए पहचानी जाती है। हरे रंग की ट्रेन किफायती होने के साथ-साथ बेहद ही कम बजट में AC की सुविधा भी प्रदान करती है। इस हरे रंग की ट्रेन को देखकर यात्री यह आसानी से पता लगा सकते हैं कि यह कम बजट के साथ अच्छी सुविधा वाली ट्रेन है।
लाल रंग की ट्रेन का मतलब
भारतीय ट्रेन में दिखाई देना वाला लाल रंग विशेष तौर पर आरामदायक और प्रीमियम सुविधा के लिए जाना जाता है। लाल रंग की ट्रेन को देखकर यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि यह ट्रेन AC चेयर और AC स्लीपर की सुविधा प्रदान करती है। इसके साथ ही लाल रंग के कोच में बेहतर इंटीरियर की सुविधा भी होती है, जो देखने में काफी सुंदर होती है।
पीली रंग की ट्रेन
भारतीय ट्रेन में पीले रंग की ट्रेन भी होती है, जो विशेषतौर पर पार्सल वैन या किसी ऑपरेशनल काम को दर्शाता है। पीला रंग देखने में बिल्कुल चमकीला होता है, जिसे कर्मचारी रात की कम रोशनी में भी दूर से अच्छे से पहचान सकते हैं। बता दें, पीला रंग सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
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