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जागरण संवाददाता पिंडरा। धोखे से गोमांस खिलाने और बार-बार तंज कसने से नाराज होकर आफताब आलम की हत्या उसके दोस्त वीरेंद्र यादव ने कर दी थी। वीरेंद्र चोलापुर थाना क्षेत्र के लश्करपुर का निवासी था। सिंधोरा थाना क्षेत्र के महगांव में ट्यूबेल के पास कुछ दिन पहले मिले युवक के शव के मामले की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने यह राजफाश किया। शनिवार की रात वीरेंद्र को उसके फूफा के घर से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
सिंधोरा थाना प्रभारी ज्ञानेन्द्र कुमार त्रिपाठी के अनुसार, आठ जनवरी को महगांव में ट्यूबेल के पास 30 वर्षीय युवक की लाश मिली। मुंह एवं नाक से खून निकलने से मौत संदिग्ध प्रतीत हुई।
पास में पड़े बैग से हरियाणा के सिद्धार्थ आटोमेटिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का आइ-कार्ड मिला जिस पर नाम आफताब आलम लिखा था। सिंधोरा पुलिस ने कंपनी से संपर्क करके शव की शिनाख्त की। आफताब आलम बिहार के छपरा जिले के जहांगीरपुर का रहने वाला था।
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21 जनवरी को मृतक के स्वजन ने सिंधोरा थाने पहुंचकर हत्या की आशंका व्यक्त की। बताया कि आफताब के बैंक खाते का विवरण प्राप्त करने पर जानकारी हुई कि मौत से पहले छह जनवरी को पांच सौ रुपये वीरेंद्र नामक के व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। अगले दिन खजुरी रोड, पांडेयपुर स्थित एटीएम से दो बार में डेढ़ हजार रुपये निकाले गए।
आठ जनवरी को जिस दिन आफताब का शव मिला था उस दिन उसके खाते से 40 हजार रुपये यूपीआइ के माध्यम से वीरेंद्र के खाते में ट्रांसफर किए गए। शेष बची धनराशि 779 रुपये भी उसी दिन ट्रांसफर हुए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके वीरेंद्र की तलाश शुरू कर दी। इस दौरान एटीएम के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करने पर आफताब के साथ वीरेंद्र नजर आया।
फूफा के घर से किया गिरफ्तार
सब इंस्पेक्टर रोहित कुमार व अंकित सिंह के साथ पुलिस टीम ने घेरेबंदी करके शनिवार की रात उसे उसके फूफा के घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह आफताब के साथ बेंगलुरु में काम करता था। इसी दौरान आफताब ने धोखे से उसे गोमांस खिला दिया। इसे लेकर वह दोस्तों के सामने तंज कसता था। इसे लेकर वीरेंद्र नाखुश था और बदला लेने की साजिश रच रहा था।
सात जनवरी को आफताब ने वीरेंद्र को बताया कि वह पुणे जाने के लिए अपने गांव से बनारस ट्रेन से आ रहा है। बदला लेने का बेहतर मौका देख वीरेंद्र अपने एक दोस्त के साथ उसे बहला-फुसलाकर घर ले आया। इस दौरान रास्ते में पांडेयपुर में आफताब ने एटीएम से रुपये निकाले थे। आफताब को लेकर दोनों महगांव में सुनसान जगह पर ले गए और रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
अगले दिन उसके मोबाइल से रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिया। पुलिस ने वीरेंद्र की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रस्सी, मृतक का आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और पैन कार्ड बरामद कर लिया। घटना में शामिल उसके साथी की तलाश कर रही है। इस मामले में चोलापुर थाने में पहले से ही हत्या, आर्म्स एक्ट, मारपीट व बलवा के तीन मुकदमे दर्ज हैं। |
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