सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, देहरादून। न्यायालय पंचम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विशाल वशिष्ठ की अदालत ने खुखरी के साथ गिरफ्तार आरोपित को दोषी करार देते हुए तीन दिन का कारावास (जेल में बिताई अवधि) व 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। केस नौ साल तक चला। सोमवार को अदालत ने निर्णय सुनाया।
23 मई 2017 को धारा चौकी में तैनात एसआइ हरिराम गश्त कर रहे थे। लैंसडौन चौक से इंदिरा मार्केट के भीतर गए तो मंदिर के पास एक व्यक्ति पुलिसकर्मियों को देखकर छिपने लगा। शक होने पर उसे पकड़ लिया।
उसने अपना नाम दूधनाथ निवासी बंजीरगंज, जिला गोंडा (उत्तर प्रदेश) वर्तमान निवासी चुक्खूवाला बताया। आरोपित से एक खुखरी बरामद हुई। इस मामले में आरोपित के विरुद्ध 24 मई 2017 को शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने 25 मई 2017 को आरोपपत्र दाखिल किया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि पुलिस ने दूधनाथ को रंजिशन फंसाया है। आरोपित धारा चौकी के निकट फलों की ठेली लगता है। पुलिस ने आरोपित को पूर्व में ठेली हटाने के लिए कहा था, जिसके चलते आरोपित व पुलिस के बीच अनबन हो गई।
अभियोजन की ओर से किसी गवाह को न्यायालय में पेश नहीं किया। आरोपित से किसी तरह की कोई बरामदगी नहीं हुई और जो भी बरामदगी दिखाई वह झूठी है।
अभियोजन की ओर से आरोपित के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को साबित करने में पूर्णत: असफल रहा, ऐसे में आरोपित को दोषमुक्त किया जाए। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद सोमवार को अदालत ने निर्णय सुनाते हुए दूधनाथ को आर्म्स एक्ट में दोषी करार दिया।
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