ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई। (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका ने यदि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को निशाना बनाने की कोशिश की तो उसे ईरान के खिलाफ युद्ध माना जाएगा और ईरानी सेना उसका करारा जवाब देगी। यह बात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान के जवाब में कही है।
ट्रंप ने एक पत्रिका को दिए इंटरव्यू में ईरान में नेतृत्व बदले जाने की आवश्यकता जताई थी। इस बीच ईरान के वरिष्ठ सांसद इब्राहीम अजीजी ने देश में इंटरनेट पर लगी रोक के जल्द हट जाने का संकेत दिया है। करीब दो हफ्ते के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद अब तेहरान सहित देश के ज्यादातर शहरों में शांति है।
ईरान ने 28 दिसंबर को महंगाई के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों और हिंसा को नियंत्रित करने के लिए इस महीने के प्रारंभ में इंटरनेट पर रोक लगा दी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के विरोध प्रदर्शनों को भड़काने वाले बयानों और पूर्व क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के ईरानी जनता के प्रदर्शनों में शामिल होने के आह्वान से पैदा स्थितियों से निपटने के लिए ईरान ने इंटरनेट पर रोक लगाई थी।
पहलवी के आह्वान को जनता तक पहुंचाने के लिए ईरान के सरकारी टेलीविजन प्रसारण को हैक किए जाने की भी सूचना है। इन विरोध प्रदर्शनों में पांच हजार लोग मारे गए हैं जिनमें 500 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। जबकि पश्चिमी देशों के मानवाधिकार संगठनों ने मरने वालों की संख्या इससे ज्यादा बताई है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बीच दक्षिण चीन सागर से ईरान की ओर रवाना हुआ अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन के नेतृत्व वाला स्ट्राइक ग्रुप सोमवार को सिंगापुर की समुद्री सीमा को पार करते हुए स्ट्रेट ऑफ मलक्का में प्रवेश कर गया। इस ग्रुप में कई बड़े युद्धपोत, विध्वंसक और परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बियां हैं। इससे ईरान पर अमेरिका के मुकाबले के लिए तैयार होने का दबाव बढ़ गया है।
(समाचार एजेंसी आइएएनएस के इनपुट के साथ) |
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