हवाई अड्डों पर लगाए जाएंगे चेहरे की पहचान वाले कैमरे। (एआई)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय हवाई अड्डों पर यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए चेहरे की पहचान करने वाले कैमरे, पूरे शरीर की जांच करने के लिए स्कैनर, यात्रियों के सामान की रिमोट व्यूइंग और डिजी यात्रा आधारित प्रवेश जैसी आधुनिक तकनीकें अपनाई जा रही हैं। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) ने सोमवार को बताया कि यात्रियों की भीड़ को कम करने और टर्मिनलों के अंदर संदिग्धों पर नजर रखने के लिए एआई और कंप्यूटर एनालिटिक्स का भी उपयोग कर रही है।
सीआइएसएफ के महानिदेशक (डीजी) प्रवीर रंजन ने बताया कि दिल्ली, मुंबई, गोवा, बेंगलुरु और कोचीन जैसे हवाई अड्डों पर पूरे शरीर की जांच करने वाले स्कैनर लगाए जा चुके हैं लेकिन यात्रियों की तलाशी के लिए इनका पूर्ण उपयोग शुरू होने में बस कुछ ही समय लगेगा। अधिकारी ने बताया कि इन हवाई अड्डों पर लगे स्कैनर परीक्षण के अधीन हैं और विशेषकर गैर-धातु संबंधी खतरों या शरीर में छिपाए जा सकने वाले उपकरणों के खिलाफ संतोषजनक परिणाम दे रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो की मंजूरी मिलते ही इन स्कैनर का उपयोग शुरू कर दिया जाएगा। सीआइएसएफ की अतिरिक्त एडीजी बिनिता ठाकुर के साथ मौजूद प्रवीर रंजन ने बताया कि कई हवाई अड्डों पर चेहरे की पहचान प्रणाली (एफआरए) वाले कैमरों ने भी काम करना शुरू कर दिया है। महानिदेशक ने बताया कि हवाई अड्डों पर प्रौद्योगिकी का समावेश अच्छी और तेज गति से हो रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों के लिए निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली हवाई अड्डे पर सुरक्षा बल द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा एक साफ्टवेयर तलाशी कतारों में लगने वाले प्रतीक्षा समय को कम करने में सहायक है। सीआइएसएफ ने देश के 70 से अधिक नागरिक हवाई अड्डों को आतंकवादी हमलों के खतरे से बचाने के लिए लगभग 70 हजार कर्मियों को तैनात किया है।
यात्री पर हमला मामले में एयरलाइन और पुलिस को सौंपी गई रिपोर्ट
सीआइएसएफ ने कहा कि उसने पिछले साल दिसंबर में दिल्ली हवाई अड्डे पर एक यात्री की पिटाई करने वाले एअर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट के दुर्व्यवहार के संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है। घटना के वक्त पायलट ड्यूटी पर नहीं था। सीआइएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि एयरलाइन और पुलिस ने इस संबंध में कार्रवाई की है।
उन्होंने कहा कि सीआइएसएफ ऐसी घटनाओं को अनदेखा नहीं करता है और मामले में उसने अपना कर्तव्य पूरा किया है। आरोपित पायलट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। एयरलाइन ने कहा था कि आंतरिक जांच लंबित रहने तक पायलट को आधिकारिक ड्यूटी से हटा दिया गया है।
पूर्व अग्निवीरों को सीएपीएफ में शामिल करने के लिए नीति लाएगा गृह मंत्रालय
केंद्रीय गृह मंत्रालय पूर्व अग्निवीरों को सीएपीएफ में समाहित करने के लिए एक व्यापक नीति लाएगा। सीआइएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि सीआइईएसएफ ने भी इस संदर्भ में एक कार्ययोजना तैयार करने और उसे मंत्रालय के समक्ष पेश करने के लिए अपने मुख्यालय में एक समिति का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि यह गृह मंत्रालय का नीतिगत मामला है। इस पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से परामर्श किया जाएगा। गृह मंत्रालय एक उचित नीति तैयार करेगा, जिसका हम सभी पालन करेंगे। रंजन ने कहा कि बल के स्तर पर गठित समिति पूर्व अग्निवीरों को समाहित करने के तरीकों की पता लगा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व अग्निवीरों को किस अनुपात में और कहां शामिल किया जाएगा, इसकी विस्तृत योजना गृह मंत्रालय तैयार करेगा।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) |
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