हाई कोर्ट के आदेश के बाद कांके थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा गया।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस पीके श्रीवास्तव की अदालत में देवव्रत नाथ शाहदेव को अग्रिम जमानत मिलने के बाद भी कथित रूप से थाना में रखने के मामले में बुधवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान बताया गया कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद कांके थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा गया था। थाना प्रभारी ने स्पष्टीकरण दे दिया है। इस पर अदालत ने पुलिस को विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया।
अदालत ने सरकार से पूछा है कि युवक को कब हिरासत में लिया गया और कब छोड़ा गया ? किस मामले में और कब उसे खूंटी थाना भेजा गया? मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
अदालत ने युवक के स्वजनों को खूंटी कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल करने को कहा है। हाई कोर्ट के निर्देश पर रांची के एसएसपी, कांके और खूंटी के थाना प्रभारी कोर्ट में उपस्थित भी हुए।
थाना प्रभारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि देवव्रत नाथ शाहदेव को न तो अवैध रूप से हिरासत में लिया गया और न ही किसी प्रकार की जबरदस्ती की गई। कांके थाना क्षेत्र के एक मामले में देवव्रत शाहदेव अप्राथमिक अभियुक्त है।
इस मामले में उन्हें अग्रिम जमानत मिली है। इस कांड का मुख्य अभियुक्त अभिषेक सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि देवव्रत नाथ शाहदेव का संपर्क फरार अभियुक्त से बना हुआ है। वह उसे आर्थिक सहयोग कर रहा है। साक्ष्य को प्रभावित करने और गवाहों को धमकाने की भी आशंका जताई गई है।
स्पष्टीकरण में कहा गया है कि अनुसंधान में सहयोग न करने और बार-बार नोटिस के बावजूद थाना नहीं आने के कारण 12 जनवरी की रात करीब 12:10 बजे देवव्रत नाथ शाहदेव को पूछताछ के लिए थाना लाया गया।
पूरे दिन पूछताछ के बाद उसे बेल बांड पर छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन उसके स्वजनों और परिचितों ने थाना आने से इन्कार कर दिया।
वरीय अधिकारियों के निर्देश पर अभियुक्त के परिचित अमित कुमार सिन्हा को बुलाकर विधिवत बेल बांड तैयार किया गया और देवव्रत नाथ शाहदेव को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कर दिया गया।
इसके बाद वह रात करीब 12 बजे थाना से चला गया। थाना प्रभारी ने बताया कि बाद में खूंटी पुलिस द्वारा सूचना दी गई कि एक मामले में देवव्रत नाथ शाहदेव के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं।
उसे पुलिस अभिरक्षा में लेकर खूंटी ले जाया जा रहा है। पुलिस वाहन का पीछा किए जाने और किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए खूंटी पुलिस को रांची जिले की सीमा तक मार्ग सुरक्षा उपलब्ध कराई गई।
बता दें कि देवव्रत नाथ शाहदेव के पिता दामोदर नाथ शाहदेव ने हैवियस कार्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दाखिल की है। |
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