गन्ना की एडिशनल बांडिंग के रूप में खरीद कराने की तैयारी
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: गन्ना विकास विभाग के निर्धारित गन्ना सट्टा से अधिक फसल करने वाले किसानों को राहत मिलने जा रही है।
सट्टा के अतिरिक्त खेतों में खड़े गन्ना की एडिशनल बांडिंग के रूप में खरीद कराने की तैयारी है। इसके लिए विभाग सर्वे कराने जा रहा है। 20 जनवरी से पांच फरवरी तक चलने वाले सर्वे में गन्ना के अतिरिक्त उत्पादन का आकलन किया जाएगा और उसके बाद खरीद संबंधी प्रक्रिया शुरू होगी।
गन्ना विकास विभाग द्वारा हर पेराई सत्र में किसानों द्वारा की जाने वाली गन्ना की फसल का सट्टा (संबंधित सत्र में चीनी मिल को आपूर्ति किए जाने के लिए फसल कोटा) निर्धारित किया जाता है।
किसान द्वारा पूर्व के दो, तीन और पांच वर्षों में किए गए उत्पादन के औसत के आधार पर इसका निर्धारण होता है। वर्तमान में चीनी मिलों में पेराई का काम चल रहा है। इस बीच बड़ी संख्या में किसानों द्वारा विभागीय टोल फ्री नंबर के माध्यम से और अन्य स्तर पर सट्टे से अधिक मात्रा में आपूर्ति योग्य गन्ना उपलब्ध होने की जानकारी दी जा रही है।
जिसके बाद गन्ना विकास आयुक्त मिनस्ती एस. ने राजकीय गन्ना पर्यवेक्षकों एवं चीनी मिल कार्मिकों को अपने-अपने क्षेत्र में खेतों में खड़े ऐसे पेराई योग्य गन्ने का संयुक्त सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। जल्द संयुक्त टीमों का गठन करने के लिए कहा गया है।
आयुक्त के अनुसार सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़े (पेराई योग्य खड़े गन्ने का क्षेत्रफल एवं अनुमानित पेराई योग्य गन्ने की मात्रा) की किसानवार फीडिंग पोर्टल पर कराई जाएगी। इसके बाद एडिशनल बांडिंग कर नियमानुसार एडिशनल बांड कैलेंडर में पर्चियां लगाते हुए इस अवशेष गन्ने की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। |
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