search

Mahashivratri 2026 Date: किस दिन रखा जाएगा महाशिवरात्रि का व्रत? यहां पता करें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

cy520520 3 hour(s) ago views 456
  

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व (Image Source: AI-Generated)



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। यह पर्व देवों के देव महादेव और जगत की देवी मां पार्वती को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर भक्ति भाव से शिव-शक्ति की पूजा की जाती है। साथ ही मनचाही मुराद पाने के लिए महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखा जाता है।

  

धार्मिक मत है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। इस शुभ तिथि पर भगवान शिव का विशेष जलाभिषेक किया जाता है। आइए, महाशिवरात्रि की सही तिथि एवं शुभ मुहूर्त (Mahashivratri 2026 Date And Time) जानते हैं-

महाशिवरात्रि 2026 कब है? (Mahashivratri 2026 Shubh Muhurat)


वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 05 बजकर 34 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 16 फरवरी को शाम 06 बजकर 04 मिनट पर चतुर्दशी तिथि समाप्ति होगी। महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर निशा काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है। इसके लिए 15 फरवरी के दिन महाशिवरात्रि (Phalguna Chaturdashi Vrat Date) मनाई जाएगी।
महाशिवरात्रि पूजा समय

महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर 15 फरवरी को शाम 05 बजकर 54 मिनट से लेकर रात 09 बजकर 03 मिनट के मध्य पूजा कर सकते हैं। इसके बाद रात 09 बजकर 03 मिनट से लेकर देर रात 12 बजकर 12 मिनट के मध्य पूजा का शुभ समय है। इस समय में देवों के देव महादेव और मां पार्वती की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होगी। साधक 16 फरवरी के दिन पारण कर सकते हैं। 16 फरवरी को साधक सुबह 06 बजकर 31 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 03 मिनट के मध्य पारण कर सकते हैं।
पूजा का शुभ समय (Nishita Kaal Puja Timing)

निशिता काल में पूजा का शुभ समय देर रात 11 बजकर 47 मिनट से देर रात 12 बजकर 38 मिनट तक है।
महाशिवरात्रि योग (Mahashivratri 2026 Yog)

फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी महाशिवरात्रि के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त का भी संयोग है। इसके अलावा, महाशिवरात्रि पर भद्रावास योग का भी संयोग है। इन योग में भगवान शिव संग मां पार्वती की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी।
पंचांग

  • सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 32 मिनट पर
  • सूर्यास्त - शाम 05 बजकर 54 मिनट पर
  • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 41 मिनट तक
  • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 06 मिनट से 02 बजकर 52 मिनट तक
  • गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 51 मिनट से लेकर 06 बजकर 17 मिनट तक
  • निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 47 मिनट से लेकर 12 बजकर 38 मिनट तक


यह भी पढ़ें- Pradosh Vrat: अगर पैसों की है तंगी, तो इस दिन करें शिव पूजन; रातों-रात चमक जाएगी किस्मत

यह भी पढ़ें- मधेपुरा : बाबा सिंहेश्वर नाथ की पूजा करने आप जाएंगे तो आपको दिखेगा कुछ ऐसा परिवर्तन, डीएम कर रहे मानिटरिंग


अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
147283

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com