LHC0088 • 7 hour(s) ago • views 666
मंत्री संजय सिंह
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के मंत्री संजय कुमार सिंह ने कांग्रेस विधायक दल में टूट की ओर इशारा करते हुए दावा किया है कि खरमास के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा “खेला” देखने को मिलेगा और एनडीए का संख्या बल बढ़ेगा। उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर संभावित टूट और सत्तारूढ़ गठबंधन के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
मंत्री संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस के कई विधायक और नेता मौजूदा कार्यशैली से नाराज हैं और लगातार एनडीए के संपर्क में हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि मधुबनी में हालिया घटनाक्रम और चुनाव के बाद कांग्रेस की बैठकों में जो कुछ हुआ है, वह भी अंदरूनी असंतोष को साफ तौर पर दिखाता है।
उनके मुताबिक, खरमास खत्म होते ही कांग्रेस के कई विधायक एनडीए का दामन थाम सकते हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि यह सिर्फ कयास नहीं, बल्कि जमीनी सच्चाई है, जिसे आने वाले दिनों में सब देखेंगे।
राजनीतिक बयान के साथ-साथ मंत्री संजय सिंह ने अपने विभाग के कामकाज को लेकर भी सख्त रुख दोहराया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएचईडी में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। काम में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार के राजस्व और जनता के हित से जुड़े कार्यों में ढिलाई करने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।
पटना के बापू टावर सभागार में आयोजित 104 नव नियुक्त सहायक अभियंताओं के उन्मुखीकरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मंत्री ने कहा कि विभाग का फोकस पारदर्शिता और जवाबदेही पर है।
उन्होंने नए अभियंताओं से कहा कि लोगों के काम सम्मानपूर्वक और समय पर पूरे करें। जितना बेहतर काम करेंगे, उतना ही बेहतर भविष्य और पहचान उन्हें मिलेगी।
मंत्री संजय सिंह ने बिजली बिल भुगतान को लेकर विभागीय सख्ती का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जिन ठेकेदारों के कार्यालयों का बिजली बिल बकाया रहेगा, उन्हें आगे कोई नया ठेका नहीं दिया जाएगा।
इसका सकारात्मक असर दिखने लगा है। जहां पहले विभाग में प्रतिदिन लगभग 25 लाख रुपये का बिजली बिल भुगतान होता था, वहीं अब यह बढ़कर करीब चार करोड़ रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी अब इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं।
कुल मिलाकर, मंत्री संजय सिंह का बयान न सिर्फ कांग्रेस के लिए राजनीतिक चुनौती के संकेत दे रहा है, बल्कि यह भी दिखाता है कि नीतीश सरकार प्रशासनिक मोर्चे पर सख्ती और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के मूड में है। |
|