सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। ताजमहल के पास वर्षों से रात्रि पर्यटन आकर्षण का ख्वाब संजो रहे पर्यटकों को वर्ष के अंत में बड़ा आकर्षण मिल सकता है। पर्यटन विभाग द्वारा बनवाए जा रहे छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम के भवन का काम दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य टाटा प्रोजेक्ट्स ने निर्धारित किया है। म्यूजियम में 14 गैलरी बनाई जाएंगी, जिनमें छत्रपति शिवाजी के शौर्य, ब्रज की संस्कृति और प्राचीन युद्धकला का प्रदर्शन होगा।
दिसंबर तक म्यूजियम का काम पूरा करने का टाटा प्रोजेक्ट्स ने निर्धारित किया है लक्ष्य
शिल्पग्राम के समीप बिजली विभाग की सीमेंटेड पोल फैक्ट्री की 5.9 एकड़ भूमि में जनवरी, 2016 में मुगल म्यूजियम का काम शुरू हुआ था। सितंबर, 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम कर दिया था। साढ़े पांच वर्षों तक यहां काम रुका रहा और जून, 2025 में पुन: शुरू हो सका। टाटा प्रोजेक्ट्स ने म्यूजियम के भवन का निर्माण दिसंबर, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए समय मांगा हुआ है।
ताजनगरी फेज-टू स्थित जोनल पार्क में गीता गोविंद वाटिका बनकर हो चुकी है तैयार
उधर, संस्कृति विभाग ने म्यूजियम में प्रदर्शित किए जाने वाले प्रादर्शों पर काम शुरू कर दिया है। म्यूजियम में 14 गैलरी बनेंगी, जिनके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रेजेंटेशन भी हो चुका है। गैलरियों में इंटरएक्टिव तकनीक, वर्चुअल रियलिटी, साउंड एंड लाइट शो और डिजिटल आर्काइव का प्रयोग किया जाएगा। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने बताया कि टाटा प्रोजेक्ट्स ने दिसंबर तक का समय म्यूजियम का काम पूरा करने को मांगा है। यहां प्रदर्शित की जाने वाली वस्तुओं और बनाई जाने वाली गैलरियों पर काम शुरू हो चुका है।
यह गैलरी होंगी
- शिवाजी एवं द ग्रेट एस्केप गैलरी में छत्रपति शिवाजी महाराज के औरंगजेब की कैद से बचकर निकलने की गाथा सेवन डी तकनीक से प्रस्तुत की जाएगी।
- अग्रदूतों की गैलरी प्रथम स्वतंत्रता संग्राम, 1857 के अमर सेनानियों से संबंधित होगी।
- त्योहारों की गैलरी में काशी की महाशिवरात्रि, देव दीपावली, ब्रज का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, रंगोत्सव, प्रयागराज का महाकुंभ होगा।
- नदियों की गैलरी में गंगा, यमुना, सरयू व घाघरा से जुड़ी आस्था, संस्कृति व लोक जीवन और देवासुर संग्राम को दिखाया जाएगा।
- आगरा गैलरी में शहर की स्थापत्य कला, सांस्कृतिक विरासत, मुगलकालीन स्थापत्य, ब्रज संस्कृति और आधुनिक आगरा का परिदृश्य होगा।
- युगों-युगों से उप्र में प्रदेश का पुरा पाषाण काल से लेकर वैदिक काल, रामायाण, महाभारत काल दिखाया जाएगा।
- हर स्वाद का रंग गैलरी में त्योहारों पर बनने वाले व्यंजनों से लेकर गलियों के चटखारे होंगे।
- आध्यात्मिक भूमि गैलरी में हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख सहित अन्य धर्मों के प्रतीक व परंपराएं शामिल होंगी।
- सांस्कृतिक विरासत गैलरी में ब्रज, पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड की सांस्कृतिक गैलरी के साथ आगरा व वाराणसी का दर्शन होगा।
- सूबे के शिल्प गैलरी में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का शिल्प और उत्पाद रहेगा।
- ओरिएंटेशन गैलरी में आगंतुकों को संग्रहालय के उद्देश्य की जानकारी मिलेगी।
- युद्धकला पर आधारित गैलरी प्राचीन युद्ध कलाओं व अस्त्र-शस्त्र पर आधारित होगी।
गीता गोविंद वाटिका बनकर तैयार
मुख्यमंत्री पर्यटन सहभागिता योजना में ताजनगरी फेज-टू स्थित जोनल पार्क में गीता गोविंद वाटिका बनकर तैयार हो चुकी है। इसमें कुरुक्षेत्र का युद्ध का मैदान, गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण, पांडवों के शंख समेत अन्य स्कल्पचर लगाए गए हैं। एक एकड़ भूमि में तुलसी वाटिका बनाई गई है। प्रतिदिन शाम को यहां श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित साउंड एंड लाइट शो हुआ करेगा। एडीए उपाध्यक्ष एम. अरून्मोली ने बताया कि गीता गोविंद वाटिका बनकर तैयार हो चुकी है। शीघ्र ही इसका उद्घ्रूाटन कराया जाएगा। |
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