सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, पटना। जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान यात्रियों के लिए फिलहाल केवल प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की ही सुविधा उपलब्ध है। किसी भी गंभीर चिकित्सकीय स्थिति में यात्रियों को तत्काल एयरपोर्ट से बाहर स्थित टैग या अन्य नजदीकी अस्पतालों में रेफर किया जाता है। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, आपात स्थिति से निपटने के लिए यहां 24 घंटे एंबुलेंस की तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीज को बिना देरी अस्पताल पहुंचाया जा सके।
हवाई अड्डे पर मौजूद मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा फर्स्ट एड, ब्लड प्रेशर जांच, आक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक दवाइयां उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि, यहां आइसीयू, वेंटिलेटर या विशेषज्ञ चिकित्सकों की स्थायी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में हार्ट अटैक, गंभीर सांस की समस्या, स्ट्रोक या दुर्घटना जैसी स्थितियों में मरीज को तुरंत रेफर करना ही एकमात्र विकल्प होता है। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए समन्वय तंत्र विकसित किया गया है। एयरपोर्ट पर तैनात एम्बुलेंस में जरूरी जीवनरक्षक उपकरण मौजूद रहते हैं। प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं। आवश्यकता पड़ने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल, एयरलाइंस और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर मरीज को शीघ्र अस्पताल भेजा जाता है।
रविवार को टर्मिनल परिसर में महिला यात्री की तबियत खराब होने के बाद हुई मौत के बाद एयरपोर्ट पर पूर्ण चिकित्सा सुविधा की मांग तेज हुई है। यात्रियों का कहना है कि राजधानी के प्रमुख हवाई अड्डे पर कम से कम एक मिनी अस्पताल या 24 घंटे डाक्टरों की तैनाती होनी चाहिए।
सिविल सर्जन बोले, तैनात हैं एक डाक्टर व दो नर्सिंग कर्मी सिविल सर्जन डा. अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट अथारिटी की मांग पर एक डाक्टर एवं दो जीएनएम कर्मी की प्रतिनियुक्ति की गई है। अब यह एयरपोर्ट अथारिटी की जिम्मेवारी है कि वह कहां और कैसे उनकी सेवाएं ले। वहीं, प्रतिनियुक्त डाक्टर ने बताया कि उनकी सेवा सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से फ्लाइंग इंस्टीट्यूट को दी गई है। वहां अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
जंक्शन पर रेलवे अस्पताल से पहुंचते हैं डॉक्टर
पटना के प्रमुख रेलवे स्टेशन पर फर्स्ट एड की सुविधा उपलब्ध है। पटना जंक्शन पर लायंस क्लब को एक जगह उपलब्ध कराई गई है, जहां चिकित्सक मौजूद रहते हैं। इसके अतिरिक्त पटना जंक्शन पर ही रेलवे अस्पताल से जरूरत पड़ने पर चिकित्सक पहुंचते हैं। पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि प्रमुख स्टेशनों पर फर्स्ट एड के साथ मेडिकल सुविधा भी है, जहां जरूरत के आधार पर दवा ले सकते हैं। पटना जंक्शन व दानापुर स्टशेन पर जन औषधि केंद्र का काउंटर है।
बांकीपुर बस स्टैंड के कार्यालय में है फस्ट एड किट
बांकीपुर बस स्टैंड के कार्यालय में फर्स्ट एड किट उपलब्ध है। यहां चालक, सह चालक व कर्मियों के लिए यह सुविधा उपलब्ध है।
अराइवल में स्थित है मेडिकल इमरजेंसी रूम
पटना एयरपोर्ट पर अराइवल में मेडिकल इमरजेंसी रूम (एमआइ रूम) स्थित है। यहां एयरपोर्ट से संबद्ध अस्पताल के चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी तैनात रहते है। पूर्व में एयरपोर्ट से पारस अस्पताल संबद्ध था। उनके कमी यहां तैनात थे। अभी जयप्रभा मेदांता अस्पताल एयरपोर्ट से सबद्ध है। संबद्धता समाप्त होने के बाद से पिछले एक माह से एमआइ रूमा बंद पड़ा है। रूम खाली नहीं होने के कारण मेदांता के चिकित्सा कर्मी वहां नहीं बैठ रहे थे। रविवार को महिला की मौत के बाद सोमवार से मेदांता के चिकित्सक व कर्मी को अलग से जगह दी गई है। वहां चिकित्सा कमी ने अपनी सेवाएं देनी शुरू कर दी है। |
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