संवाद सूत्र, लखनऊ। विदेश जाकर बेहतर भविष्य बनाने का सपना देख रहे आजमगढ़ जिले के एक दर्जन युवकों के साथ बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। खुद को ट्रैवल एजेंसी से जुड़ा बताने वाले दो जालसाजों ने वीजा और टिकट दिलाने के नाम पर करीब 9 लाख 99 हजार रुपये ऐंठ लिए और एजेंसी बंद कर फरार हो गए। पीजीआई पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आज़मगढ़ के ग्राम सिमरी, थाना तहबरपुर निवासी वीरेंद्र कन्नौजिया ने बताया कि वह पहले दो बार विदेश जा चुके हैं। इसी भरोसे पर गांव व आसपास के 11 युवकों ने उनसे संपर्क किया। सभी को विदेश भेजने के लिए 28 मार्च 2025 को उन्होंने लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित रायबरेली रोड पर इंटर हेल्प एजेंसी से संपर्क किया, जहां बिराज सिंह उर्फ जुनैद अंसारी और असलम से मुलाकात हुई।
जालसाजों ने प्रति व्यक्ति 65 हजार रुपये में वीजा और टिकट दिलाने का झांसा दिया और अन्य खर्चों के नाम पर भी पैसे लिए। पीड़ितों से करीब 5.65 लाख रुपये नकद और 4.34 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। महीनों बाद भी न वीजा मिला न टिकट।
5 जून 2025 को एजेंसी के पते पर ताला लटका देख पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ। पहले तहबरपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया, बाद में मामला पीजीआई थाने में स्थानांतरित किया गया। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहे हैं। |
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