गुरुदासपुर पुलिसकर्मी हत्या मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। गुरदासपुर के बॉर्डर इलाके में तैनात दो पुलिसकर्मियों की हत्या को 72 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी हत्यारों की पहचान नहीं हो पाई है। इतनी बड़ी घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अधिकारी बस इतना कह रहे हैं कि जांच चल रही है।
स्पेशल DGP अर्पित शुक्ला ने कहा कि जांच एडवांस स्टेज में पहुंच गई है और इस समय और जानकारी देना ठीक नहीं होगा। घटना के बारे में पहले से जानकारी होने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि बॉर्डर इलाके हमेशा रेड अलर्ट पर रहते हैं।
बॉर्डर इलाके में CCTV लगाए जा रहे: DGP
उन्होंने बताया कि पुलिस, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के साथ मिलकर बॉर्डर इलाके में कड़ी सुरक्षा बनाए रखती है। बॉर्डर इलाके में 10 करोड़ रुपये की लागत से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जा रहा है। 20 करोड़ रुपये की लागत से CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस बॉर्डर इलाके पर खास ध्यान दे रही है, क्योंकि बॉर्डर पार से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं।
अर्पित शुक्ला ने कहा कि पंजाब सरकार ने बॉर्डर इलाके में एंटी-ड्रोन सिस्टम भी लगाए हैं और दूसरी मशीनरी भी खरीद रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस केस सुलझाने के बहुत करीब है और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
2 पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या
गौरतलब है कि शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर दूर, दोरांगला पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले आदियां पुलिस चेक पोस्ट पर दो पुलिसवालों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मरने वालों में होमगार्ड जवान अशोक कुमार (अखलासपुर के रहने वाले) और ASI गुरनाम सिंह (गादड़ियां के रहने वाले) शामिल हैं।
दोनों आदियां पोस्ट पर बने चेकपॉइंट पर तैनात थे। शहीद होमगार्ड जवान का सोमवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जबकि ASI गुरनाम सिंह का अंतिम संस्कार मंगलवार को उनकी बेटी के विदेश से लौटने के बाद हुआ।  |
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