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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) का बजट काउंसिल में सर्व सहमति से पारित हो गया है। एनडीएमसी के चेयरमैन केशव चंद्रा ने काउंसिल में वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट अनुमान और 2026-27 के बजट अनुमान पेश किए।
चंद्रा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 5953.07 का बजट का पेश किया। जबकि 2025-26 के लिए 5689.27 संशोधित बजट अनुमान रखे गए हैं। बिना नया कर लगाए और मौजूदा कर की दरों में कोई बढोत्तरी करे बिना 2026-27 में 143 करोड़ के मुनाफे के बजट का अनुमान जताया है।
बजट बैठक में नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज ने इसे एनडीएमसी के विजन 2047 के अनुरूप बताया। बजट में आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस का शिक्षा में उपयोग पर जोर दिया गया है। साथ ही विकास की कई परियोजनाओं की भी घोषणा की गई है। इसके अलावा वायु प्रदूषण के मद्देनजर भी कई कदम उठाने की बात बजट में कहीं गई है।
बजट बैठक के बाद एनडीएमसी के चेयरमैन केशव चंद्रा और एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने संयुक्त प्रेसवार्ता में बजट में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।
एनडीएमसी के चेयरमैन केशव चंद्रा ने कहा कि यह बजट नई दिल्ली को ऐसा शहर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता दिखाता है, जो अपनी समृद्ध विरासत को संभालते हुए नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और सबको साथ लेकर विकास करे। साथ ही यह “विकास भी विरासत भी” की सोच पर आधारित है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विचारों से प्रेरित है।
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष लजीत सिंह चहल ने कहा कि एनडीएमसी को स्थिरता और आत्मनिर्भरता के मामले में भारत की सबसे प्रगतिशील नगरपालिका में बदला जा रहा है। हम नई दिल्ली को आधुनिकता, पर्यावरण संतुलन और नागरिक जिम्मेदारी का उदाहरण बनाएंगे। कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में एनडीएमसी के पास 300 एआई-प्रशिक्षित छात्र हैं।
कक्षा सात से लेकर 12वीं कक्षा तक एआइ फार आल मिशन को लागू किया जाएगा। इसके लिए एआइ लैब स्थापित की जाएगी। वहीं एनडीएमसी ने बिना नया कर लगाए भी विकास की कई परियोजनाओं की घोषणा की है। एनडीएमसी के अनुसार बीते वित्त वर्ष जहां 25 परियोजनाओं को मंजूर किया गया था इस वर्ष अभी 76 परियोजनाएं मंजूर की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष कई विकास की परियोजनाएं शुरू की जाएगी। इसमें कनाट प्लेस के पास स्थित सुपर मार्केट, अकबर भवन का पुन:निर्माण किया जाएगा। जबकि खान मार्केट को पीपीपी माडल पर विकसित किया जाएगा। इसमें पार्किंग और दुकानों का निर्माण किया जाएगा। वहीं, सरोजनी नगर स्थिति एनडीएमसी नवयुग स्कूल को माडल स्कूल में विकसित किया जाएगा। नेहरू पार्क, तालकटोरा गार्डन और लोधी गार्डन का उन्नयन किया जाएगा
एमसीडी की तर्ज पर इसी वर्ष लागू होगी संपत्तिकरण प्रणाली
एक शहर में संपत्तिकर की दो-दो टैक्स प्रणाली होने पर दैनिक जागरण के सवाल पर एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने कहा कि इसी वर्ष से एमसीडी की तर्ज पर एनडीएमसी में संपत्तिकर की टैक्स प्रणाली को लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस विषय पर चर्चा की जा चुकी है। केंद्र सरकार द्वारा जन विश्वास बिल के तहत यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि हम इसे इसी वित्त वर्ष में लागू कर देंगे।
एनडीेमसी में फिलहाल रेटेबल रेट के हिसाब से संपत्तिकर लिया जाता है। जबकि एमसीडी इलाके में यूनिट एरिया मैथर्ड (यूएएम) लागू है। यूएएम प्रणाली से संपत्तिकर की दरें कम होती है जबकि रेटेबल वैल्यू के हिसाब से एमसीडी की तुलना में एनडीएमसी की संपत्तिकर टैक्स तीन चार गुणा ज्यादा होता है।
महिला सुरक्षा के लिए लगेंगे 2000 सीसीटीवी
एनडीएमसी महिला सुरक्षा के लिए दो हजार सीसीटीवी कैमरे लगाएगा। एनडीएमसी के चेयरमैन केशव चंद्रा के अनुसार हमने 700 डार्क स्पाट खत्म कर दिए हैं।
नए डार्क स्पॉट की पहचान के लिए सर्वे किया जाएगा। जबकि इस वर्ष 2000 सीसीटीवी लगाए जाएंगे। जो कि एनडीएमसी के विभिन्न इलाकों और बाजारों में होंगे। उन्होंने बताया कि 82 कैमरे अभी एनडीएमसी इलाके में लगे हैं जिन्हें केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से जोड़ा जा चुका है।
एनडीएमसी की 34 जेजे क्लस्टर में नल से जल
एनडीएमसी की झुग्गी झोपड़ियों में नल से जल देने के लिए पानी की पाइप लाइन सिस्टम को बिछाया जा रहा है। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने बताया कि नल से जल देने के लिए कार्य इस वित्त वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है।
उन्होंने ह भी बताया कि एनडीएमसी वर्षों पुराने सीवरेज सिस्टम को सुधारने के लिए अगले 25 वर्ष की कार्ययोजना पर काम कर रही है। अगले वित्त वर्ष में इसे सुधारा जाएगा। साथ ही ब्रिटिश काल से बिछाई गई सीवर की लाइनों को बदला जाएगा। साथ ही 24 घंटे सातों दिन जलापूर्ति करने के लिए खान मार्केट, सीपी, सरोजिनी नगर आदि में नाइट क्लीनिंग पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है।
सड़कों के किनारे पौधों में सिंचाई के लिए उपयोग होगी ड्रिप सिंचाई व्यवस्था
एनडीएमसी वायु प्रदूषण को कम करने के लिए जहां पर मशीनों से सफाई का उपयोग शुरू करेगा जबकि सड़कों पर वाहनों से पानी डालने की वजह से लगने वाले जाम करने के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली को लागू किया जाएगा।
इसमें 11 सड़कों पर यह व्यवस्था लागू कर दी है। इससे सभी एवेन्यू रोड पर इसे बढ़ाया जाएगा। ताकि सिंचाई में पानी की भी बचत होंगी वहीं एनडीएमसी के वाहन द्वारा सिंचाई करने की वजह से जो जाम लगता था वह भी नहीं लगेगा। |
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