यह जमा हुआ पानी का झरना पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन गया है। फोटो: साहिल मीर
डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के बारामूला ज़िले के तंगमर्ग इलाके में जमा हुआ द्रंग झरना सर्दियों में एक बड़ा आकर्षण बन गया है, जो रोजाना देश भर से हजारों टूरिस्ट को अपनी ओर खींच रहा है।
बर्फ़ में जमे पानी का शानदार नजारा पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। पूरा माहौल जन्नत जैसा है। यहां सब कुछ जम गया है। यही वजह है कि सर्दी के इस सीजन में यह झरना पर्यटकों के लिए एक दर्शनीय स्थल बन गया है।
गर्मियों में कभी आम दिखने वाला यह झरना हर सर्दी में कुदरत के एक नज़ारे में बदल जाता है। ज़ीरो टेम्परेचर जब बहते पानी को जमा देता है और उसे बर्फ़ के एक शानदार पर्दे में बदल देता है। पहलगाम हमले में 26 पर्यटकों के मारे जाने के बाद प्रशासन ने यह स्थल भी पर्यटकों के लिए बंद कर दिया था। गत वर्ष नवंबर में ही इसे खोला गया।
ब्लॉगर्स और कंटेंट क्रिएटर्स का ध्यान खींचा
अब स्थिति यह है कि सैकड़ों पर्यटक इस झरने को देखने के लिए आ रहे हैं। इस साइट ने विशेष रूप से ब्लॉगर्स और कंटेंट क्रिएटर्स का ध्यान खींचा है। वो इसके आश्चर्यजनक दृश्यों को अपने कैमरे में कैद करने और यू-ट्यूब कंटेट बनाने के लिए उमड़ रहे हैं। सैलानी यहां अच्छी खासी संख्या में रील बना रहे हैं। इस जगह को विंटर वंडरलैंड भी कहा जा रहा है। यह जमा हुआ पानी का झरना पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन गया है।
हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बावजूद इस जगह पर आने वाले तमाम सैलानी इसकी खूबसूरती की तारीफ करते थक नहीं रहे हैं। कई तो यहां से वीडियो कॉल कर अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को इसकी खूबसूरती दिखा रहे हैं।
दिल्ली के एक टूरिस्ट विवेक अग्रवाल का कहना था कि उन्होंने पहली बार ऐसा नजारा देखा। यह बहुत खूबसूरत है। मैंने इसकी उम्मीद नहीं की थी। मैंने सुना है, पढ़ा है और आज हमने इसे देखा, हम सभी को इसके बारे में बताएंगे।
जमा हुआ झरना किसी सपने जैसा लगता है
वहीं उत्तर प्रदेश से आए दंपति हर्ष वर्धन और अनीता का कहना था कि यहां एक अलग ही दुनिया दिखती है। हवा में लटके और धूप में चमकते बर्फ की बूंदों को देखना एक अलग ही अनुभव दे रहा है। “मैंने पहले भी झरने देखे हैं, लेकिन ऐसे कभी नहीं। जमा हुआ झरना किसी सपने जैसा लगता है।
हवा साफ़ है, शांति है, और यहां की कुदरत की खूबसूरती बेमिसाल है।” उन्होंने बताया कि वह हिमाचल, मसूरी आदि पहाड़ी इलाकों में भी जा चुके हैं परंतु कश्मीर अन्य स्थानों से बहुत अलग है। ठंड इतनी प्रचंड है कि कश्मीर घाटी डल सहित अन्य झीलें, नदियां, जल निकाय और झरने पूरी तरह से जम गए हैं।
कुदरत का अद्भुत नजारा है यह जमा हुआ वॉटरफॉल
इसी बीच एक लोकल टूरिस्ट गाइड, रियाज़ अहमद ने कहा कि द्रंग वॉटरफॉल उन कुछ जगहों में से एक है जहां कुदरत ऐसा नज़ारा दिखाती है। यह सिर्फ़ एक जमा हुआ वॉटरफॉल नहीं है बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो कश्मीर में सर्दियों के अजूबों को दिखाता है। आस-पास का नज़ारा इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है। बर्फ़ से लदे पेड़ों, बर्फीली धाराओं और शांत माहौल के साथ, द्रंग वॉटरफॉल फोटोग्राफरों, व्लॉगर्स और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए एक खास जगह बन गया है।
वहीं स्थानीय व्यवसायी फयाज अहमद का कहना था कि इलाके के लोगों को उम्मीद है कि ऐसे कुदरती अजूबे कश्मीर में सर्दियों के टूरिज़्म को और बढ़ावा देंगे। “जमा हुआ द्रंग वॉटरफॉल तंगमर्ग का एक हीरा है। सही प्रमोशन और सुविधाओं से, हम यहां ज्यादा पर्यटकों को खींच सकते हैं।”
तंगमर्ग के पास एक खूबसूरत गांव, द्रंग के लोकल लोग टूरिस्ट के आने को लोकल इकॉनमी के लिए एक अच्छा बढ़ावा मानते हैं। स्थानीय निवासी राशिद ने कहा, “बहुत समय बाद हम टूरिस्ट की इतनी बड़ी भीड़ देख रहे हैं। जमा हुआ झरना टूरिस्ट के लिए एक अलग एक्सपीरियंस है और उनमें से कोई भी इस अजूबे को मिस नहीं करना चाहता।” |
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