लोकेश पंडित, मेरठ। पापा..आखिर उसने मेरी सबसे प्यारी चीज को मुझसे छीन ही लिया..वह कहता था, मुझसे दूर हुई तो तेरी मां और भाई को मार दूंगा, मैं रोकती रही और वह मां पर फरसे से वार करता रहा।
मैंने शोर मचाने की कोशिश की तो अंटी से बंदूक निकाल ली, गोली मारने की धमकी दी और खींचकर गन्ने के खेत में ले गया। मैं डर गई थी, वह मुझे गोली मारने की धमकी देता रहता था। इसलिए मैंने ट्रेन में शोर नहीं मचाया। पापा..मैं कितनी अभागी हूं, अपनी प्यारी मां का चेहरा भी नहीं देख पाई।
रविवार शाम आशा ज्योति केन्द्र में मिलने आए स्वजन से रूबी ने यह बातें कही। बोली- मेरी मां को बेरहमी से पारस ने मारा, क्योंकि मैंने उससे बात करने व साथ जाने से इंकार कर दिया था।
कपसाड़ से सुनीता की हत्या के बाद रूबी का गुरुवार को पारस सोम ने अपहरण कर लिया था। शनिवार को पुलिस ने पारस व रूबी को रूड़की के चूडियल रेलवे स्टेशन से पकड़ा था। रूबी को पुलिस ने कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद में आशा ज्योति केन्द्र भेजा था।
शाम को सीओ सरधना आशुतोष कुमार सतेन्द्र, नरसी, शिवम व तहेरी बहन सर्वेश को रूबी से मिलने आशा ज्योति केन्द्र लाए। चार दिन बाद स्वजन को सामने देख रूबी बुरी तरह रोने लगी। पिता से लिपटकर रूबी काफी देर तक रोती रही। नरसी, शिवम व सर्वेस भी रोने लगे।
पिता सतेन्द्र ने पूछा कि उसे कोई नुकसान तो नहीं पहुंचाया है। नरसी ने बताया कि रूबी ने उन्हें पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। कहा, वह अपनी दो सहेलियों के साथ गन्ना छीलने पिता के पास के जा रही थी। मां पीछे आ रही थी।
इसी दौरान रजवाहे के पास पारस गन्ने से खेत से निकलकर आया। पारस के हाथ में फरसा व गुुस्सा देख दोनों सहेलियां भाग गई। वह उसका हाथ पकड़कर जबरन ले जाने लगा। मां सुनीता ने विरोध किया तो गुस्से में उसने फरसे से वार किया। वह हाथ जोड़कर उसे रोकती रही।
मां नीचे गिरी तो उसे जबरन खींचकर गन्ने के खेत में ले गया। वह बचकर रजवाहे में गिरी तो पारस ने रजवाहे में कूदकर उसे दबोच लिया और बंदूक दिखाकर धमकी दी, जैसे मां को मारा है, अब भाई व पिता को भी मार देगा। डेढ़ घंटे तक वह उसे ठेके के पीछे गन्ने के खेत में लेकर बैठा रहा।
डरकर वह उसके साथ गंगनहर पटरी पर आ गई। पारस ने बंदूक दिखाकर एक ट्रक रोका। यहां से पहले खतौली, फिर दिल्ली गया। ओढ़ी चाहर में वह उसे बंदूक दिखाता रहा। इसलिए उसने शोर नहीं मचाया। दिल्ली से फिर ट्रेन से वह खतौली आया।
यहां से वह हरिद्वार ले जा रहा था। उसने घर बात करने की जिद की तो उसने एक परिचित से उसने फोन मांगकर डाक्टर से बात कराई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ा। रूबी ने बताया कि पारस उसे अधिकांश रेलवे स्टेशन पर ही लेकर घूमता रहा।
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भाई बोला..हरिद्वार, मेरठ में पुलिस को जो बयान दिए, वहीं कोर्ट में दोहराए है
नरसी ने बताया कि रूबी ने उन्हें बताया है कि पुलिस ने उसे पकड़ा तो उसने जो सच्चाई थी, वही बताई। कहा, मर जाऊंगी पर सच्चाई कहूंगी। जो घटनाक्रम उसने हमें बताया, वही पहले रूड़की, जीआरपी व मेरठ पुलिस को बताया। वही बयान कोर्ट में दिए है।
नरसी ने बताया कि कोर्ट में रूबी ने पूरी घटना के अलावा बताया है कि पारस ने उसकी जबरन अपहरण किया। विरोध करने पर मां को फरसे से वार कर मारा। वह उसे धमकी देकर बंधक बनाए रहा। नरसी ने कहा कि उसकी बहन शेरनी है, वह जो कह रही है, वही सच्चाई हैं, गलत क्यों बोलेगी। उसने कोर्ट में सच्चाई बताई है।
सीओ को पेपर पर बनाकर दिखाया, ऐसे फरसे से पारस ने मां को मारा
नरसी ने बताया कि सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने उससे पूछताछ के दौरान पूछा कि कैसे हथियार से पारस ने सुनीता पर वार किए। सीओ ने एक पेपर देखकर उसका चित्र बनाने को कहा।
उसने बताया कि रूबी ने सीओ को फरसे का चित्र बनाकर दिया। यह फरसा हत्या के बाद पारस ने कहा फेंका उसकी रूबी को जानकारी नहीं है।
घटना के समय अकेला था पारस
नरसी ने बताया कि रूबी ने पुलिस व कोर्ट को बताया है कि घटना के समय पारस अकेला था। उसके पास एक फरसा, बंदूक थी। वह उसे पहले गन्ने के खेत में लेकर गया। इसके बाद पैदल ही चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर ले गया। यहां से ट्रक में बैठकर उसे खतौली ले गया।
उसे किसी कार से अगवा नहीं किया गया। रूबी के इस बयान के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए सुनील को थाना सरधना पर बैठा रखा है। पुलिस उससे पूछताछ व जानकारी कर रही है।
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लोकेश
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