जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह से पहले दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में “आंख और कान” आउटरीच कार्यक्रम चलाकर लोगों को पुलिस से जोड़ने की कोशिश की। इसके तहत सभी 15 जिले, मेट्रो और इंदिया गांधी एयरपोर्ट थाने में कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने बढ़चढ़ हिस्सा लिया और अपनी जनभागीदारी दी।
प्रतिभागियों में मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन व रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों के अलावा, पुरानी कारों के डीलर, होटल मालिक, फल, सब्जी विक्रेता, सुरक्षा गार्ड, कुली व अन्य लोग शामिल थे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को पुलिस से जोड़ना और उन्हें अपनी “आंख और कान” योजना के बारे में बताना व जागरूक करना था, जो सुरक्षा बनाए रखने में जनता की भागीदारी को बढ़ावा देती है। इस पहल के तहत, नागरिकों से सतर्क रहने, संदिग्ध गतिविधियों, व्यक्तियों या संभावित आपराधिक कृत्यों से संबंधित जानकारी तुरंत साझा करने का आग्रह किया गया।
पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के नेतृत्व में सामुदायिक पुलिसिंग को मज़बूत करने और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए साझा ज़िम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस प्रवक्ता व एसीपी रंजय अत्रिश्या और कैलाश बिष्ट ने संयुक्त रूप से एक जानकारी पूर्ण चर्चा सत्र आयोजित किया।
इस सत्र को पुलिस के आधिकारिक एक्स चैनल पर लाइव स्ट्रीम भी किया गया। अधिकतम लोगों तक पहुंचने के लिए, जिलों, मेट्रो व आईजीआई थानों पर सत्र को लाइव देखने की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। इस दौरान आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को सीसीटीवी कैमरे लगाने, किराएदारों का सत्यापन करने और फेरीवालों की एंट्री पर नजर रखने के महत्व के बारे में बताया गया।
मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने, फुटेज सुरक्षित रखने, पुलिस ब्रीफिंग में शामिल होने संबंधी जानकारी देने की सलाह दी गई। होटल मालिकों को गेस्ट चेक-इन के समय पूरी तरह से जांच करने और उनके ठहरने वालों के रिकार्ड रखने के निर्देश दिए गए।
सिमकार्ड बेचने वालों को नए सिमकार्ड जारी करते समय टेलीकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई। पुरानी कारों के डीलरों से खरीदारों का ठीक से सत्यापन करने और गाड़ी की ओनरशिप समय पर ट्रांसफर करने को कहा गया।
पार्किंग अटेंडेंट और केमिकल बेचने वालों की भूमिका पर खास ज़ोर दिया गया। पार्किंग अटेंडेंट को हर समय सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करने को कहा गया। केमिकल दुकान मालिकों को केमिकल और ऐसे प्रोडक्ट बेचते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई जिनका इस्तेमाल विस्फोटक के तौर पर किया जा सकता है, और बड़ी मात्रा में केमिकल खरीदने वालों की वैधता और मकसद सुनिश्चित करने को कहा गया।
इस असवर पर इमरजेंसी संपर्क नंबर भी शेयर किए गए, जिनमें इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम 112 और दिल्ली पुलिस की \“\“आंख और कान\“\“ हेल्पलाइन 14547 शामिल हैं। नागरिकों को इन हेल्पलाइन का इस्तेमाल कर संदिग्ध गतिविधियों, लावारिस चीजों या किसी भी अन्य संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने के लिए बताया गया।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को खास तौर पर डिज़ाइन किए गए एजुकेशनल पैम्फलेट दिए गए। इसके अलावा, आंख और कान योजना को उजागर करने वाले स्टैंडी और पोस्टर कार्यक्रम स्थलों पर प्रमुखता से प्रदर्शित किए गए। इस अवसर पर लाइव स्ट्रीमिंग से पहले छोटे जागरूकता वीडियो दिखाए गए। |
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