अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप। (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अब वेनेजुएला से क्यूबा को न तो तेल भेजा जाएगा और न ही पैसा। उन्होंने सुझाव दिया कि कम्युनिस्ट शासित द्वीप को वॉशिंगटन के साथ समझौता कर लेना चाहिए, जिससे अमेरिका के चिर प्रतिद्वंद्वी क्यूबा पर दबाव बढ़ गया है।
वेनेजुएला क्यूबा का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता रहा है। हालांकि, शिपिंग डेटा से पता चलता है कि जनवरी की शुरुआत में अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद से क्यूबा के लिए वेनेजुएला के बंदरगाहों से कोई भी मालवाहक जहाज रवाना नहीं हुआ है।
रविवार को ट्रंप ने अपने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म \“ट्रुथ सोशल\“ पर लिखा-क्यूबा को अब और तेल या पैसा नहीं भेजा जाएगा-शून्य! मैं उसे दृढ़ता से सलाह देता हूं कि वह बहुत देर होने से पहले समझौता कर ले। क्यूबा कई वर्षों तक वेनेजुएला से मिलने वाले भारी मात्रा में तेल और पैसे पर निर्भर रहा है।
हालांकि, ट्रंप ने अपने प्रस्तावित समझौते के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। हाल के सप्ताह में अमेरिकी अधिकारियों ने क्यूबा के खिलाफ अपनी बयानबाजी और भी तीखी कर दी है।
इस बीच, काराकास और वॉशिंगटन वेनेजुएला से अमेरिका को पांच करोड़ बैरल तक तेल की आपूर्ति के लिए दो अरब डॉलर के समझौते पर आगे बढ़ रहे हैं, जिसकी आय अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा निगरानी किए जाने वाले खातों में जमा की जाएगी। यह समझौता ट्रंप और अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के बीच उभरते संबंधों की एक बड़ी परीक्षा है।
(समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ) |
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