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बजट की तैयारी प्रभावित ना हो नए अधिकारी को जिम्मेदारी देगी नायब सरकार। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में बजट की तैयारियों के बीच मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की बायपास सर्जरी होने के बाद राज्य सरकार यह जिम्मेदारी किसी दूसरे सीनियर आइएएस अधिकारी को प्रदान कर सकती है।
मुख्य सचिव के पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार भी है। फोर्टिस अस्पताल मोहाली के डाक्टरों ने उन्हें करीब दो माह तक बेड रेस्ट करने की सलाह दी है।
ऐसे में बजट का कामकाज प्रभावित हो सकता है। वित्त मंत्री के नाते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मार्च माह के पहले या दूसरे सप्ताह में साल 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेंगे।
बजट तैयार करने से पहले मुख्यमंत्री राज्य के अलग-अलग वर्गों व समूहों से बातचीत कर रहे हैं। जनवरी माह के अंत में उन्होंने राज्य के विधायकों की पंचकूला में बैठक बुलाई है। इन बैठकों में आने वाले सुझावों को बजट में शामिल किया जाएगा।
वित्त सचिव के नाते अनुराग रस्तोगी ने पिछला बजट तैयार कराया था, लेकिन इस बार वह बेड रेस्ट पर रहेंगे तो ऐसे में बजट की तैयारियों के लिए सरकार किसी नये आइएएस अधिकारी को जल्दी ही जिम्मेदारी सौंप सकती है। पिछले सप्ताह अनुराग रस्तोगी के हार्ट की बायपास सर्जरी हुई है।
मुख्य सचिव कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित न हो, इसलिए मुख्य सचिव के पद पर भी सरकार नई नियुक्ति करने की तैयारी में है।
मुख्य सचिव बनने के लिए मौजूदा गृह सचिव डा. सुमिता मिश्रा और स्वास्थ्य सचिव सुधीर राजपाल दौड़ में हैं। ब्यूरोक्रेसी के सबसे बड़े मुख्य सचिव के पद को दो महीने के लिए खाली रखना सरकार के लिए संभव नहीं है। मार्च में विधानसभा का बजट सेशन भी होना है।
वित्त मंत्री के नाते मुख्यमंत्री को बजट पेश करना है। इससे पहले राज्य में तीन नगर निगमों अंबाला, पंचकूला और सोनीपत में फरवरी में चुनाव प्रस्तावित हैं। इसलिए सरकार के लिए मुख्य सचिव व वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पद पर नई जिम्मेदारी सौंपना जरूरी हो गया है।
हरियाणा में मुख्य सचिव बनने की दौड़ में वरिष्ठता के हिसाब से सबसे आगे सुधीर राजपाल हैं। राजपाल 1990 बैच के आइएएस अफसर हैं। दूसरे नंबर पर सुमिता मिश्रा हैं। इनका बैच भी 1990 है। राज्य सरकार ने इन दोनों अधिकारियों की वरिष्ठता को नजर अंदाज कर अनुराग रस्तोगी को मुख्य सचिव बनाया था।
इसकी वजह यह बताई जा रही थी कि दो साल पहले जब अधिकारियों की वरिष्ठता का मुद्दा उठा था, तब सुधीर राजपाल और सुमिता मिश्रा को लेकर बाहरी कैडर का होने की बात कही गई थी। रस्तोगी हालांकि रिटायर हो चुके हैं और फिलहाल एक्सटेंशन पर चल रहे हैं।
रस्तोगी को एक्सटेंशन मिलने पर मुख्य सचिव पद के दावेदार 1990 बैच के आनंद मोहन शरण को भी झटका लग चुका है। वह 31 अगस्त 2025 को रिटायर हो चुके हैं। सुधीर राजपाल की रिटायरमेंट 30 नवंबर 2026 को होगी, जबकि सुमिता मिश्रा 31 जनवरी 2027 को रिटायर होंगी। |
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