दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड रोड के अंतर्गत डाटकाली मंदिर के लिए बनाया गया ओवरपास। अनिल डोगरा
सुमन सेमवाल, जागरण देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के तहत बनाई गई 12 किमी लंबी एलिवेटेड रोड के निर्माण के बाद अब एकमात्र शेष रह गए ओवरपास का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।
यह ओवरपास प्रसिद्ध डाटकाली मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर तैयार किया गया है। ताकि मंदिर की तरफ रुख करते समय उन्हें राजमार्ग के तेज रफ्तार यातायात के बीच सड़क पार करने का जोखिम न उठाना पड़े।
ओवरपास का निर्माण पूरा किए जाने के बाद शनिवार को एनएचएआइ के श्रमिकों ने ओवरपास पर झाड़ू लगाकर चमकाया। बताया जा रहा है कि अंतिम चरण के अहम कार्य पूरे हो जाने के बाद रविवार को एनएचएआइ मुख्यालय के अधिकारियों की टीम परियोजना का निरीक्षण करेगी।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के तहत गणेशपुर से डाटकाली तक 12 किमी लंबी एलिवेटेड रोड का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने अक्टूबर 2024 में पूरा कर दिया था। जिसके बाद एलिवेटेड रोड पर अंतिम चरण के कुछ तकनीकी कार्य ही शेष रह गए थे।
हालांकि, उसी बीच यह बात सामने आई थी कि प्रसिद्ध डाटकाली मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को राजमार्ग के भारी यातायात के बीच सड़क पार करनी पड़ेगी।
जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाएगी। लिहाजा, तय किया गया कि मंदिर के लिए ऐसा ओवरपास तैयार किया जाए, जिससे मंदिर जाने वाले यात्री बिना जोखिम उठाए गुजर सकें।
35 करोड़ रुपये की लागत से करीब 70 लंबे ओवरपास पर सालभर पहले काम शुरू किया गया था, जिसका निर्माण अब पूरा किया जा चुका है। यह ओवरपास सहारनपुर की तरफ से आने वाली लेन के किनारे से शुरू हो रहा है और बीच में यू का आकार लेते हुए दूसरे तरफ की लेन के ऊपर से मंदिर की तरफ पहुंच रहा है।
वहीं, देहरादून की तरफ से मंदिर जाने वाले यात्रियों के लिए यातायात की दिशा वाली लेन से ही अलग मार्ग है। अब सहारनपुर की तरफ से आने वाले यात्रियों के लिए भी पृथक व्यवस्था हो गई है।
ओवरपास के प्रवेश और निकासी स्थल पर लगेंगे साइनेज
एनएचएआइ के अधिकारियों के अनुसार अब ओवरपास के प्रवेश और निकासी स्थल पर साइनेज लगाए जा रहे हैं। ताकि वाहन चालकों में लेन को लेकर किसी तरह का असमंजस न रहे।
एक्सप्रेसवे के जल्द शुरू होने के आसार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के निरीक्षण और एलिवेटेड रोड और इससे जुड़ी परियोजना पर की जा रही तैयारी यह संकेत दे रही है कि एक्सप्रेसवे को जल्द जनता को समर्पित किया जा सकता है। हालांकि, अभी इसके उद्घाटन की आधिकारिक तिथि की घोषणा बाकी है।
एलिवेटेड रोड परियोजना पर एक नजर
- कुल लंबाई - 12 किमी
- कुल बजट - 1500 करोड़ रुपये
- कुल पिलर - 575
11 हजार 970 करोड़ की है पूरी परियोजना
एनएचएआइ अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली-दून एक्सप्रसेवे का निर्माण 213 किलोमीटर पर कुल 11 पैकेज में गतिमान है। यह कार्य प्राधिकरण के अलग-अलग परियोजना कार्यालय देख रहे हैं।
इन पैकेज में किया गया एक्सप्रेसवे का निर्माण
- अक्षरधाम-दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा (पहला भाग)
- अक्षरधाम-दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा (दूसरा भाग)
- ईपीई क्रासिंग-सहारनपुर बाईपास (पहला भाग)
- ईपीई क्रासिंग-सहारनपुर बाईपास (दूसरा भाग)
- ईपीई क्रासिंग-सहारनपुर बाईपास (तीसरा भाग)
- ईपीई क्रासिंग-सहारनपुर बाईपास (चौथा भाग)
- सहारनपुर बाईपास-गणेशपुर एक्सेस कंट्रोल (पहला भाग)
- सहारनपुर बाईपास-गणेशपुर एक्सेस कंट्रोल (दूसरा)
- गणेशपुर-देहरादून (एक भाग)
- गणेशपुर-देहरादून (दूसरा भाग)
- गणेशपुर-देहरादून (तीसरा भाग)
एक्सप्रेसवे परियोजना के यह भी खास बिंदु
- 05 रेलवे ओवर ब्रिज
- 110 वाहन अंडरपास
- 76 किमी सर्विस रोड
- 29 किमी की एलिवेटेड रोड
- 16 एग्जिट और एंट्री प्वाइंट
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