जागरण संवाददाता, बांदा। कमासिन के छिलोलर स्थित प्राथमिक विद्यालय में 20 दिसंबर को गिल्ली-डंडा खेलते समय छात्रा की आंख में डंडा लगने से उसकी रोशनी चली गई। आरोप है कि गिल्ली खेलने के दौरान प्रधानाध्यापक के हाथ से छुटा डंडा छात्रा की दाहिनी आंख में जा लगा था। पिता ने बताया कि प्रधानाध्यापक से घटना को लेकर सवाल किया तो वह उल्टा उन्हें धमकाने लगे।
पिता की तहरीर पर पुलिस ने शुक्रवार को प्रधानाध्यापक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बीएसए अव्यक्तराम तिवारी ने मामले की जांच बीईओ राजेश कुमार को सौंपी है। उधर, प्रधानाध्यापक का कहना है कि वह गिल्ली-डंडा नहीं खेलते और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं।
छिलोलर गांव निवासी रामदीन की 14 वर्षीय बेटी आरती देवी गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा छह की छात्रा है। पिता रामदीन की ओर से लगाए गए आरोप के मुताबिक 20 दिसंबर को छिलोलर निवासी प्रधानाध्यापक राकेश सिंह स्कूल के मैदान में गिल्ली डंडा खेल रहे थे। इसी बीच उनके हाथ से डंडा छूट कर बेटी आरती के दाहिनी आंख में जा लगा।
रामजानकी कुंड चित्रकूट में इलाज के बाद वापस आए और उलाहना देने जब प्रधानाध्यापक के पास गए तो उन्होंने कहा कि मैं क्या करूं। गाली-गलौज कर उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। कमासिन थाना प्रभारी भास्कर मिश्रा ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। बच्ची को मेडिकल के लिए आई सर्जन के पास भेजा गया है। मेडिकल परीक्षण में गंभीर चोट सामने आने पर धारा बढ़ाई जाएगी। साथ ही जांच कर आरोपित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिक विद्यालय छिलोलर में बच्ची की आंख में डंडा लगने की जानकारी हुई है। स्वजन की शिकायत मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी कमासिन को जांच सौंपी गई है। इस समय स्कूल बंद हैं। जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्रधानाध्यापक को निलंबित किया जाएगा।
अव्यक्तराम तिवारी, बीएसए
बच्चे इंटरवल में खेल रहे थे। इसी बीच किसी बच्चे के हाथ से डंडा छूटकर छात्रा की आंख में लग गया है। वह गिल्ली डंडा नहीं खेल रहे थे। उन्होंने खुद छात्रा के इलाज के लिए सहायता की है। उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
- राकेश सिंह, प्रधानाध्यापक |
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