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केंद्र सरकार ने शुरू किया सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ अभियान। फोटो- एआई जनरेटेड
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार इस महीने के अंत तक देशभर में 14 वर्ष की लड़कियों के लिए सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ निःशुल्क टीकाकरण का 90 दिन का विशेष अभियान शुरू करने जा रही है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिश के अनुरूप डोर-टू-डोर रणनीति के तहत 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी किशोरियां सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त टीका लगवा सकेंगी। इस वर्ष लगभग 1.15 करोड़ लड़कियां इस आयु वर्ग में शामिल होंगी।
राजधानी दिल्ली में इस राष्ट्रीय अभियान को राज्य की कैंसर रोकथाम रणनीति से जोड़ा जा रहा है। सर गंगा राम अस्पताल की गायनेकोलॉजी एंडोस्कोपी विशेषज्ञ डॉ. कनिका जैन ने HPV वैक्सीनेशन कार्यक्रम को महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि कम उम्र में, पहले संक्रमण से पहले टीकाकरण 93 से 100 प्रतिशत तक सुरक्षा दे सकता है। उनके अनुसार भारत में हर साल लगभग 80,000 नए मामले सामने आते हैं और करीब 40,000 महिलाओं की मौत इस रोके जा सकने वाले कैंसर से होती है।
दिल्ली में स्थिति और सरकार की रणनीति
राष्ट्रीय राजधानी में वर्ष 2023 में सर्वाइकल कैंसर के 741 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में घटकर 692 हो गए। हालांकि यह गिरावट सकारात्मक संकेत है, फिर भी यह महिलाओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है।
इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (डीएससीआई) के माध्यम से कैंसर जागरूकता, रोकथाम एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम (कैप्स) शुरू किया है।
दिल्ली सरकार की ओर से उठाए गए प्रमुख कदम
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के अनुसार सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण और समय पर जांच सरकार की प्राथमिकता है। डीएससीआई के निदेशक डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि:
- अत्याधुनिक मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग वैन मोहल्लों तक पहुंचाई जा रही हैं।
- इन वैनों में मैमोग्राफी और HPV डीएनए जांच की सुविधा उपलब्ध है।
- सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए सेल्फ-टेस्टिंग किट भी दी जा रही है।
सर्वाइकल कैंसर का टीकाकरण क्यों जरूरी है?
वैक्सीन एलायंस ‘गावी’ के अनुसार भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर प्रमुख कैंसरों में से एक है। हर साल 1.25 लाख महिलाएं इससे ग्रस्त होती हैं और लगभग 75 हजार की मृत्यु हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर टीकाकरण से 30 वर्ष की उम्र तक कैंसर का जोखिम 85% तक कम किया जा सकता है।
स्लॉट कैसे बुक कर सकते हैं?
टीकाकरण के लिए U-WIN पोर्टल के माध्यम से जनसुविधा केंद्र (CSC) पर पंजीकरण कराया जा सकेगा।
बाजार में कीमत क्या है और सरकार की क्या योजना है?
बाजार में एक डोज की कीमत 3,927 रुपये है। भारत में ‘गावी’ वैक्सीन एलायंस के सहयोग से कुल 2.6 करोड़ डोज उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कार्यक्रम तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
किस वैक्सीन का इस्तेमाल होगा?
शुरुआती दो वर्षों में एचपीवी संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वदेशी वैक्सीन ‘सर्वावैक’ का उपयोग किया जाएगा। इसे सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने विकसित किया है।
यह किन बीमारियों से सुरक्षा देगा?
यह वैक्सीन एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) के टाइप 16 और 18 से सुरक्षा प्रदान करती है, जो सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारण हैं। साथ ही यह टाइप 6 और 11 से भी बचाव देती है।
कुल मिलाकर, केंद्र का राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान और दिल्ली की सक्रिय स्क्रीनिंग रणनीति मिलकर राजधानी में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को नई दिशा दे सकती है-जहां लक्ष्य है समय पर पहचान, रोकथाम और सुलभ उपचार।
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